Global Warming Essay In Hindi | ग्लोबल वार्मिग पर निबन्ध

Global Warming Essay In Hindi|ग्लोबल वार्मिग पर निबन्ध

Global Warming Essay In Hindi:

हेलो दोस्तों कैसे हो आप लोग आशा करता हूं कि ठीक होंगे आज फिर मैं आप सबके लिए एक इंटरेस्टिंग पोस्ट Global warming essay in hindi लेकर आया हूं आपने ग्लोबल वॉर्मिंग का नाम तो सुना ही होगा। ग्लोबल वॉर्मिंग हमारे पर्यावरण और सेहत के लिए बहुत ही नुकसानदायक होती है ग्लोबल वॉर्मिंग से हमें बहुत नुकसान होता है जिसकी वजह से बहुत से लोगों की जान जाती है और आज हम उसी के बारे में निबंध लिखेंगे।

पर हम ग्लोबल वॉर्मिंग के बारे में निबंध लिखें उससे पहले आपका यह जान लेना जरूरी है कि आखिर ग्लोबल वॉर्मिंग होती क्या है उसके बाद ही हम इसके ऊपर विस्तार से चर्चा करेंगे मैं जो Global warming essay in hindi निबंध यहां पर आपको बताने वाला हूं उसकी मदद से आप अपना खुद का एक निबंध तैयार कर सकते हैं मैं आपको यहां ग्लोबल वॉर्मिंग हिंदी से संबंधित पूरी जानकारी दूंगा।।

Global warming essay in hindi:

Global warming essay in hindi

1. Global warming in hindi

ग्लोबल वार्मिंग को हम भूमंडलीय ऊष्मीकरण के नाम से भी जानते हैं और यह हमारी प्रकृति के साथ-साथ हमारे स्वास्थ्य के लिए भी एक सबसे बड़ा खतरा है क्योंकि आने वाले समय में इससे बीमारियां हो सकती हैं और अगर ग्लोबल वॉर्मिंग अत्यधिक हो गया तो लोगों की जान को भी नुकसान हो सकता है ग्लोबल वॉर्मिंग हमारी ओजोन परत को भी नुकसान पहुंचा रही है जिसके कारण ओजोन परत में छेद हो रहा है और सूरज से आने वाली अत्यधिक हानिकारक पराबैंगनी किरणें सीधे हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रही हैं जिससे हमें बहुत सारी बीमारियां हो सकती हैं और सबसे घातक बीमारी कैंसर होती है जो इसकी वजह से हमारे शरीर में अपना प्रभाव देती है।

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जब भी ग्लोबल मूवमेंट होती है तो पृथ्वी का ताप बढ़ जाता है पर ग्लोबल वॉर्मिंग सिर्फ प्रकृति से संबंधित ही नहीं है ये गवर्नमेंट एक वैश्विक मुद्दा है जिस पर सरकार के द्वारा बहुत काम किया जा रहा है अगर हम अधिकतर प्रदूषण करते रहेंगे तो महासागर की बर्फ पिघलती रहेगी और वह भी एक ग्लोबल वॉर्मिंग ही है। नदियां प्रदूषित होती हैं वह भी ग्लोबल वॉर्मिंग का हिस्सा है पेड़ और वन काटे जा रहे हैं भूमि के लिए पेड़ों की कटाई की जा रही है वह भी एक ग्लोबल वार्मिग का हिस्सा ही है आइए अब हम इसे विस्तार से समझ लेते हैं।।

Global warming essay in hindi:

1. प्रस्तावना:

आज हम विश्व के सबसे बड़े मुद्दे पर चर्चा करने वाले हैं जिसका नाम है ग्लोबल वार्मिंग ग्लोबल वॉर्मिंग एक महामारी की तरह है जिसे अगर रोका नहीं गया तो यह हमारे जीवन के साथ-साथ पूरी प्रकृति को नष्ट कर सकती है पर इसे किस तरह से रोका जा सकता है उसके बारे में और उसके प्रभाव के बारे में आज हम विस्तार से निबंध लिखने वाले हैं।।

अगर हम ग्लोबल वॉर्मिंग क्वेश्चन शिफ्ट रूप में एक परिभाषा में लिखना चाहे तो हम उसे इस प्रकार लिख सकते हैं: प्रकृति का तापमान लगातार उसकी निश्चित सीमा से बढ़ता जा रहा है इसे हम ग्लोबल वॉर्मिंग का नाम दे सकते हैं अगर हम दूसरी तरीके से ग्लोबल वॉर्मिंग को समझना चाहें तो कार्बन डाइऑक्साइड की अधिक मात्रा ग्लोबल वार्मिंग का एक मुख्य कारण है और कार्बन डाइऑक्साइड अधिकतर धुएं के रूप में छोड़ी जाती है।।

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2. ग्लोबल वार्मिग के कारण:

अगर हम ग्लोबल वार्मिग पर चर्चा करे तो उसकी बहुत सारे कारण हो सकते हैं क्योंकि किसी कारण से ग्लोबल वॉर्मिंग का होना असंभव है ग्लोबल वॉर्मिंग का सबसे मुख्य कारण जैसा कि मैं आपको ऊपर बता चुका हूं ग्लोबल वॉर्मिंग सबसे मुख्य कार्बन डाइऑक्साइड की अधिक मात्रा में उत्पन्न होना है और कार्बन डाइऑक्साइड की अधिक मात्रा फैक्ट्रियों और वाहनों से होती है क्योंकि इनके धोखे से कार्बन डाइऑक्साइड जब वातावरण में अधिक मात्रा में बढ़ जाती है तो ग्लोबल वार्मिंग का खतरा अधिक हो जाता है।।

लोग अपने फायदे के लिए और अधिक से अधिक मुनाफे के लिए बहुत सारी फैक्ट्रियां लगाए जा रहे हैं और जिसके कारण धुआं अधिक मात्रा में निकल रहा है और जिस से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है और ग्लोबल वॉर्मिंग अधिकतर बढ़ती जा रही है और साथ में महासागर की बर्फ भी पिघल रही है और 1 दिन ऐसा आएगा जब पृथ्वी पर प्रदूषण के सिवा और कुछ नहीं बचेगा।।

लोग अपने फायदे के लिए वनों को काट रहे हैं और पेड़ों की कटाई कर रहे हैं जिसके कारण वर्षा नहीं होती है और अगर वर्षा नहीं होगी तो ग्लोबल वार्मिग खतरा और भी बढ़ सकता है। पर अगर हम चाहे तो ग्लोबल वॉर्मिंग से हम बहुत जल्दी ही आजादी पा सकते हैं।।

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3. ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभाव

ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभाव सबसे बड़ा हमारे स्वास्थ्य के ऊपर ही पड़ता है क्योंकि इसका सबसे मुख्य कारण ग्लोबल वॉर्मिंग ही है। ग्लोबल वार्मिंग अधिकतर कार्बन डाइऑक्साइड से होती है और इसी की वजह से हमारे अंदर दुआ जाता है। इसे हटाना में बहुत सारी परेशानियां और बीमारियां हो सकती हैं। ग्लोबल वॉर्मिंग एक वैश्विक मुद्दा है।

और इस पर भारत सरकार के साथ पूरा देश काम कर रहा है पर अगर ग्लोबल वार्मिंग के सबसे बड़े दुष्प्रभाव की बात करें तो वह है ओजोन परत के छिद्र का लगातार बढ़ना है क्योंकि अगर ओजोन परत का छिद्र लगातार इसी तरह बढ़ता रहा तो 1 दिन ऐसा भी आएगा जब ओजोन परत का छिद्र इतना बढ़ जाएगा कि सूर्य की किरने सीधा हमारे ऊपर पड़ेगी और जिसे पृथ्वी ही नहीं पूरा संसार नष्ट हो जाएगा।।

ग्लोबल वार्मिग हमारे साथ साथ जानवरों को भी नुकसान पहुंचा रहा है और प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहा है। वर्षा नहीं होती है जिससे कि पानी की कमी हो जाती है और सब लोग ऐसे ही रह जाते हैं किसानों को भी इससे बहुत नुकसान होता है क्योंकि फसलों का अच्छे से उत्पादन नहीं हो पा रहा है जिसकी वजह से भारत की अर्थव्यवस्था भी गिर रही है इसीलिए हमें लोकल वॉर्मिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए और उसको रोकने के लिए कुछ से ही प्रयास करना चाहिए साथ ही भारत सरकार को भी इसके लिए कड़े नियम और कानून बनाने चाहिए

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4. ग्लोबल वार्मिग से बचाव के उपाय:

अगर हम प्रकृति को ग्लोबल वॉर्मिंग से बचाना चाहते हैं तो सबसे पहले हमें अपने आप को सुधारना होगा क्योंकि जब तक इंसान अपनी जरूरतों के लिए प्रकृति को नुकसान पहुंचाते रहे डालो बल वार्मिंग का खतरा निरंतर ही बढ़ता जाएगा इसीलिए हमें अपनी आदतों में सुधार करने की जरूरत है।।

सबसे पहले तो हमें वनों की कटाई पर रोक लगानी चाहिए जिससे कि ग्लोबल वॉर्मिंग कुछ हद तक कम हो सकें
हमें प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इन्हें जलाने से प्रदूषण उत्पन्न होता है और कार्बन डाइऑक्साइड अधिक मात्रा में निकलती है जिसके कारण ग्लोबल वॉर्मिंग खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है हमें पुराने वाहनों का उपयोग नहीं करना चाहिए और उन पर प्रतिबंध देना चाहिए क्योंकि वह अत्यधिक मात्रा में धुआं छोड़ते हैं जिससे उत्पन्न होती है और खतरा बढ़ जाता है।।

हमें इसी के साथ साथ फैक्ट्रियों उद्योगों और इन पर भी रोक लगानी चाहिए क्योंकि आजकल यह अपने स्वार्थ के लिए हर जगह फैक्ट्री लगा रहे हैं जिसकी वजह से लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है और इसका एक जीता जागता उदाहरण दिल्ली है दिल्ली में आज इतना प्रदूषण हो रहा है कि वहां पर ऑक्सीजन के लिए पैसे देने पड़ते हैं और इसमें आश्चर्य की बात नहीं है आने वाले समय में शायद भारत को देश बन जाए जहां पर प्रदूषण सबसे अधिक मात्रा में हो।।

6. उपसंहार

आज निबंध में हमने ग्लोबल वार्मिंग के बारे में जाना है और उसके दुष्प्रभाव के साथ-साथ उसके कारण और बचाव के उपायों के बारे में भी विस्तार से चर्चा की है।।
अगर हम ग्लोबल वार्मिंग को रोकना चाहते हैं तो हमें हमारी आदतों में बदलाव करना होगा और हमारे अंदर सुधार लाना होगा तभी हम ग्लोबल जैसे बड़े खतरे को हमारे ऊपर से टाल सकते हैं आज का निबंध लिखने का उद्देश्य यही था कि हम ग्लोबल वार्मिंग और उनके बारे में विस्तार से चर्चा कर सकें।।

7. अन्तिम शब्द: दोस्तों ने आशा करता हूं आपको हमारा आज का आर्टिकल Global warming essay in hindi जरूर पसंद आया होगा अगर आप ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध लिखना चाहते हैं तो आप इसकी मदद से आसानी से अपना खुद का एक अलग निबंध तैयार कर सकते हैं या अगर आप चाहें तो इसे जैसे कि तैसा भी लिख सकते हैं।

ग्लोबल वॉर्मिंग एक बहुत बड़ा खतरा है जिसको हमें ही दूर करना है तो आपको भी संकल्प लेना होगा कि आज से आप भी पर्यावरण में योगदान देंगे और अपनी भागीदारी निभाएंगे अगर आपको ये Global warming essay in hindi पसंद आया हो तो इसे जरूर शेयर करें और अगर आपका कोई सवाल हो तो आप हमें कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं हमारे ब्लॉग पर विजिट करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।।

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