Best Khamoshi Shayari In Hindi। खामोशी शायरी

Khamoshi shayari। खामोशी शायरी

Khamoshi shayari: हैलो दोस्तों कैसे हो आप लोग आज भी आप सबके लिए एक बहुत ही इंटरेस्टिंग पोस्ट
Khamoshi shayari। खामोशी शायरी लेकर आया हूं क्योंकि शायरी पढ़ना हर किसी को पसंद होता है और हमारी जिंदगी में एक ऐसा वक्त जरूर आता है जब हम किसी से बात करना नहीं चाहते और हम बिल्कुल खामोश हो जाना चाहते हैं और ऐसे में हम अपनी बात शायरी के जरिए करना चाहते हैं इसलिए यह शायरियां लिखी गई है

Khamoshi shayari। खामोशी शायरी

Khamoshi shayari। खामोशी शायरी

1
मैं पूरी तरह से खामोश हो चुका हूं
मैं पूरी तरह से बर्बाद हो चुका हूं
कहने की लिए मेरे पास अब कुछ नहीं बचा
मैं अब सब कुछ कह चुका हूं
मुझे अब किसी से कुछ नहीं चाहिए
मैं अब हर दर्द सह चुका हूं

2
मेरी खामोशियां मेरी ताकत है
मैं फालतू बोला नहीं करता हूं
कितना भी मुझसे कोई पूछ ले
अपने दिल के राज के उनके सामने खोला नहीं करता

3
मैं सिर्फ उस से मोहब्बत करता था
और उसने ही मुझे छोड़ दिया
मैं अब अपनी खामोशी के साथ खुश हूं
जब उसने मेरा दिल तोड़ दिया

4
मेरे अंदर एक शोर हैं
और मैं उसे किसी को दिखाऊंगा नहीं
जिस दिन यह खामोशी टूटकर बाहर आएगी
मैं उससे मिलूंगा नहीं
और किसी से मोहब्बत जताऊंगा नहीं

5
लोग समझते हैं मैं ऐसे ही ऐसा हो गया हूं
पर इसके के पीछे भी शायद कोई वजह रही होगी
जो इतना ज्यादा बोलता था हुआ चुप हो गया है
इस बर्बादी के पीछे भी शायद कुछ वजह रही होगी

6
आज मैं चुप हूं और मैं चुप ही रहना चाहता हूं
मैं अब किसी से बोलना नहीं चाहता हूं
कोई कितना भी कर ले मुझे मनाने की कोशिश
अब मैं किसी से मिलना नहीं चाहता हूं

7
मैं खुश हूं अपनी खामोशी के साथ
में अब खुश हूं अपनी तन्हाई के साथ
मैं खुश हूं अपनी मोहब्बत के साथ
और मैं खुश हूं अपनी इस बर्बादी के साथ

8
मैं आज खामोश हूं और मैं खामोश ही रहूंगा
मैं किसी से बात नहीं करूंगा
कोई मुझसे कितना भी मिलने की कोशिश करें
पर मैं किसी से मुलाकात नहीं करूंगा

9
जब दिल हर तरफ से टूट जाया करता है
तब इंसान खामोश हो जाए करता है
मुझे उसके पास रहने को कुछ नहीं होता
और वह फिर किसी से रिश्ता नहीं जताया करता है

10
हर किसी से रिश्ता निभा लिया मैंने
हर किसी से मोहब्बत कर ली मैंने
पर मुझे क्या मिला मोहब्बत करके
अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार ली मैंने

तुझे भुला दिया शायरी

Shayari on khamoshi

11
इस मोहब्बत ने मुझे कभी कुछ नहीं दिया है
इस मोहब्बत ने मुझे कभी अपना कहा नहीं है
मैंने उसे माना है अपना
पर उसने मुझे कभी अपना माना नहीं है
हमें खामोश हो चुका हूं पूरी तरीके से
उसने कभी मुझसे वापस बातें कभी सोचा नहीं है

12
मैं अब अपनी खामोशी को भी अपनी ताकत बना लूंगा
मैं अब चुप रहूंगा और चुपचाप अपना काम करता जाऊंगा यह दिन दुनिया देखेगी मेरे काम को
और फिर देखना में हर तरफ अपना नाम कर जाऊंगा

13
मैं अब खामोश रहना चाहता हूं
मैं अब किसी से मिलना नहीं चाहता हूं
इस दुनिया से मन उठ चुका है मेरा
मैं अब किसी से रिश्ता बनाना नहीं चाहता हूं

14
हर रिश्ता बना कर देख लिया मैंने
मोहब्बत का रिश्ता भी बना था देख लिया मैंने
पर मुझे किसी से कुछ नहीं चाहिए
हर रिश्ता बना कर देख लिया मैंने।।

15
लोग हमेशा धोखा देते हैं
और अब मैं खामोश रहना चाहता हूं
लोग उठाते हैं हमारी कमजोरी का फायदा
इसीलिए मैं आप उनसे कुछ कहना नहीं चाहता हूं

15
वह चाहे किसी के भी साथ रहेंगे
वह चाहे कुछ भी करेंगे उनकी मर्जी है
मैं अब उनसे कुछ भी नहीं कहूंगा
मैं अपनी खामोशी मैं रहूंगा
और अब मैं किसी से बात नहीं करूंगा

16
मुझे अब किसी से मिलने की कोशिश नहीं करनी
मुझे अब किसी से मोहब्बत नहीं करना
वह चाहे अब कहां भी मरे
मुझे अब किसी से प्यार वफा नहीं करनी

17
मैंने उसका नाम लिखा है
मैंने हर दफा उससे इश्क किया है
पर अब वह जब मुझे छोड़ कर चली गई
तो मैं अब खामोश हूं
और मैं किसी से कुछ कहना नहीं चाहता
क्योंकि मैं बर्बाद हूं

18
एक बार बाद इंसान किसी से क्या कह सकता है
एक बार बाद इंसान किसी से क्या मोहब्बत कर सकता है उसके पास तो छोड़ने के लिए कुछ नहीं बचा
वह किसी से क्या प्यार कर सकता है

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Khamoshi shayari in Hindi

19
मैं अब ना तो किसी से प्यार कर सकता हूं
और अब ना किसी से वफा कर सकता हूं
मोहब्बत नहीं बची है मेरे हिस्से
में ना मैं अब किसी से अच्छे से बात कर सकता हूं

20
मेरे पास अब सिर्फ खामोशी बची है
अगर किसी को लेना है तो वह बता सकता है
मैं अब किसी से बात नहीं करता
अगर कोई मुझसे बात करना चाहता है
तो वह बता सकता हूं

21
मैंने उससे मोहब्बत इस कदर की है
मैंने उसे चाहात इस कदर की है
मैंने हमेशा उसे अपने खुदा से मांगा है और दिल से चाहा है फिर भी उसने मुझसे कभी मोहब्बत नहीं की है

22
हर बार उसने तो सिर्फ मुझे धोखा ही दिया है
हर बार उसने तो सिर्फ मुझे मोहब्बत में पागल ही किया है और अब खामोश हो चुका हूं पूरी तरीके से
क्योंकि उसने मुझे यह करने पर मजबूर किया है

23
वह शायद मुझे पागल समझती है
वह शायद मुझे अपना नहीं समझती है
मैं भी अब खामोश हो चुका हूं पूरी तरीके से
वो मुझसे बात नहीं करती है

खामोशी शायरी

24
मैं किसी से मिलना नहीं चाहता
मैं अब किसी से बात करना नहीं चाहता
लोग सिर्फ मेरा इस्तेमाल करते हैं
इसीलिए अब मैं बोलना नहीं चाहता

25
मेरा चुप रहना ही बेहतर है
क्योंकि कुछ लोगों को मेरा बोलना बहुत बुरा लगता है
तो ठीक है अब से मैं खामोश रहूंगा
जब उन्हें मेरा हंसना बुरा लगता है

26
किसी को मेरी मोहब्बत रास नहीं आती
किसी को मुझ पर तरस नहीं आती
मैं खामोश हो चुका हूं पूरी तरीके से
फिर भी मेरे को किसी को मेरी याद नहीं आती

Khamoshi shayari। खामोशी शायरी

27
इस दुनिया में कौन किसी याद करता है
इस दुनिया में कौन किससे मोहब्बत करता है
यहां पर कोई किसी का नहीं होता
देखो यहां कौन किसे चाहत रखता है

28
किसी को किसी से कोई मोहब्बत नहीं है
किसी को किसी से कोई इबादत नहीं है
कौन जितना भी कर ले किसी को प्यार
पर किसी को उसके प्यार की कोई कदर नहीं है

29
जब एक इंसान खामोश हो जाता है
तो फिर वह कभी कुछ बोलता नहीं है
और उसे कितना भी कुछ कहले
फिर वह अपने दिल के राज खोलता नहीं है
क्योंकि उसे सिर्फ अपने से मतलब होता है
फिर वह किसी से मतलब रखता नहीं है

30
खामोशी ही अब मेरी ताकत बन चुकी है
क्योंकि मैं लोगों से बहस नहीं करता
जिस बात पर उन्हें मुझे गलत समझना है
वह समझ गई
मैं अब उनसे अपनी सही होने का सबूत नहीं देता

31
हर बार में ही अपनी मोहब्बत का सबूत दे चुका हूं पर उसने मेरी बात पर यकीन नहीं किया अगर वह मुझसे दूर जाना चाहती तो मैं भी अब खामोश हो जाऊंगा अगर उसने मुझसे कभी प्यार नहीं किया

32
मैं अपनी खामोशी को अपनी ताकत बना लूंगा
मैं उससे मोहब्बत करूंगा
और उसे अपनी चाहत बना लूंगा
वह चाहे किसी के भी साथ खुश रहे
मैं उसे अपने दिल की धड़कन बना लूंगा

33
मैंने उसे प्यार किया है और मैं उसे प्यार करता रहूंगा
मैंने उसका इंतजार किया है
और मैं उसका इंतजार करता रहूंगा
पर अब मेरी खामोशी ही गवाही देगी मेरी मोहब्बत की और मैं अब खामोश ही रहूंगा

34
मैं अब ख़ामोश ही रहूंगा है
क्योंकि मुझे अब किसी को नहीं जाना है
मुझे अब किसी की आदत नहीं है
और मुझे किसी को अपना नहीं बनाना है

35
मेरी खामोशी ही अब शायद
मेरी मोहब्बत की गवाही दे सकती है
मेरी खामोशी कि अब शायद उसे मेरा बना सकती है
मैं अब चुप हो चुका हूं एकदम से
शायद यह मेरी चुप्पी ही
उसकी बेदर्दी का सबब तोड़ सकती है

Khamoshi shayari। खामोशी शायरी

36
उससे मोहब्बत चाहत कितनी कर ली हमने
हमें क्या मिला उसे मोहब्बत करके
देखो उसे कितनी मुलाकात कर लि हमने

37
उसे ही प्यार किया है हमने जिसे अपना कहा है आपने और बस बस का इंतजार किया है
और उसी को चाहा है नही है हमने

38
अब मैं भी खामोश हो जाऊंगा
मैं भी किसी से मोहब्बत नहीं जताऊंगा
कौन जितना भी करलो मिलने की कोशिश
पर मैं भी अब किसी से कभी मिल नहीं पाऊंगा

39
मुझे अब किसी का साथ देना चाहिए
मुझे अब उसके हाथों में हाथ नहीं चाहिए
मैं सब कुछ कर लिया है उसके लिए
मुझे उसकी मोहब्बत का एक हिस्सा भी नहीं चाहिए

40
मैंने उसे कितना चाहा है यह सिर्फ मैं बता सकता हूं
मैं उसी की मोहब्बत की है सिर्फ मैं बता सकता हूं
पर मैं पूरी तरह से खामोश हो चुका हूं
और हमें किसी पर यकीन नहीं करता
यहां से ही बता चुका हूं

41
वो मुझे अच्छे से जानती नहीं हो
शायद मुझे अच्छे से समझती नहीं है
मैं पूरी तरीके से बर्बाद हो चुका हूं
मैं उसके के पास कभी नहीं आऊंगा
क्योंकि अब मैं खामोश हो चुका हूं

42
मैंने उसे कितनी मोहब्बत की है
मैंने उनसे कितनी चाहत की है
मैंने उस समय देखा ना सकूं
और मैंने उससे कितनी इश्क इबादत की है।।

43
ओ मेरी जान से प्यारा लगता था
वह मुझे बहुत सारा अपना लगता था
पर वह मेरा कुछ नहीं लगता है
मैं खामोश हो चुका हूं
और मैं ऐसी खामोशी के साथ रहना चाहता हूं
तुमसे मैं बर्बाद हो चुका हूं

Khamoshi shayari। खामोशी शायरी

44
मेरी खामोशी हमारी हर बात दिखाई देगी
मैं नहीं बोलूंगा मेरी महफिल में यही मेरी गवाही देगी
मैं नहीं जाऊंगा आप किसी के पास
यह मेरी ताकत बनकर मेरा हर तरफ नाम करेगी

45
मोहब्बत इतनी आसानी से की नहीं जाती
और आदमी भी इतना आसानी से खामोश हो नहीं जाता कुछ तो हुआ होगा उसके साथ ऐसा
यूं ही हर कोई बदल नहीं जाता

46
इंसान बहुत कहते हैं कि तुम बदल चुकी
हो पर वह उसके बदलने की वजह कभी नहीं जानते
वह सिर्फ उसके सलाह दे सकते हैं
वह उसके अंदर का दर्द कभी नहीं पहचानते

47
वह से कितनी भी मोहब्बत करने फिर भी
वो चाहेगी किसी और को
उसे कितना भी प्यार कर ले
फिर भी वह रहेगी किसी और की

48
चाहत रख लो पर इंसान एक दिन खामोश हो ही जाता है किसी से जितना भी करलो प्यार का वादा
पर एक दिन इंसान बेवफा हो ही जाता है

49
मैंने उसे बहुत प्यार किया
मैंने उसका बहुत इंतजार किया
पर मैं खामोश हो चुका हूं
क्योंकि मैंने उसके साथ अभी कोई रिश्ता नहीं रखना

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Khamoshi shayari। खामोशी शायरी

50
ना कोई रिश्ता रखना नहीं चाहता मैं
अब उससे प्यार करना नहीं चाहता मैं
अपना आप को सोच रहा हूं अपनी जिंदगी में
मैं अब किसी पर एतबार करना नहीं चाहता

51
मैंने खुदा से सिर्फ उसकी ही गुजारिश की है
और मैंने उसकी मोहब्बत में बहुत चाहत की है

52
मेरी खामोशी का अंजाम इतनी होगा
हम सोते रहेंगे हर कोई हमें जगाएगा
हम किसी से नहीं मिलेंगे
और देखना एक दिन
हम इस दुनिया से चला जाएगा

53
एक दिन मैं इस दुनिया से चला जाऊंगा
फिर देखना मैं किसी के पास कभी वापस नहीं आऊंगा लोग बस मुझे याद करते रह जाएंगे
और मैं कभी किसी को दिखाई नहीं दूंगा

54
मैं कभी किसी से मोहब्बत नहीं करूंगा
मैं अब किसी से चाहत नहीं रखूंगा
क्योंकि मैं अब खामोश हो चुका हूं
मैं वापस अपनी बर्बादी की तरफ कदम नहीं रखूंगा

55
मेरी खामोशी ही अब देखना
एक दिन सब कुछ कर जाएगी
जितना मैं बोलकर नहीं कर सकता था
यह मेरा उतना काम कर जाएगी
मैं अपना सब कुछ खो चुका हूं पूरी तरीके से
और अब देखना यह मुझे बर्बाद कर जाए

56
हर कोई मोहब्बत में क्या किसी को इतना चाह सकता है हर कौन सा किसी से इतनी मोहब्बत कर सकता है
कौन किससे के लिए कितना भी कर ले
क्या वह किसी से इतना चाह सकता है

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57
मैंने कभी उसे किसी बात का एहसास नहीं कराया
मैंने कभी उसे किसी बात का दिल नहीं दुखाया
मैंने सिर्फ उससे प्यार किया है
मैंने कभी उसको अपना बनाने के लिए मजबूर नहीं कराया

58
मैंने कभी उसे कुछ नहीं कहा
मैंने कभी उसे जबरदस्ती नहीं की
उसने नहीं किया है मुझसे धोखा
मैंने कभी उससे धोखा नहीं किया

59
मैं खामोश हो चुका हूं मुझे कभी प्यार से बात नहीं की
मैं अब टूट चुका हूं अंदर से
उसने मुझसे कभी मुलाकात नहीं की
उसने मुझे कितना रुलाया है हर वक्त
पर मैंने कभी उससे बात नहीं की

60
उसे तो मेरे को नहीं कभी गम नहीं है
मैं चुप हो जाओ फिर भी
उसे मुझसे कोई मोहब्बत नहीं है
उसे मेरी फिक्र भी नहीं रहती
क्योंकि उसे मुझे चाहत नहीं है

61
मैं एक बर्बादी का पूरा किस्सा मैं
उसकी जिंदगी का सिर्फ एक मरा हिस्सा हु
मैं मर चुका हूं अंदर से
क्योंकि यह दुनिया खामोश है
और मैं इसका एक टुकड़ा हूं

Raed: Block shayari

62
उससे मोहब्बत भी बहुत कर ली मैंने
उसे चाहत भी बहुत कर ली मैंने
उसे इश्क किया और इबादत भी बात कर ली मैंने
पर मुझे क्या मिला इन सब को कर के
मैं खामोश हो गया एक दिन
और मेरी बर्बादी खुद कर ली मैंने

63
आज जो मैं इस तरह यह जिंदगी काट रहा हूं
आज जो मैं इस तरह अपनी बर्बादी के किस्से लिख रहा हूं ख़ामोश हो गया था मैं इस जन्म पहले ही
और उसी बात का गम मैं आज मना रहा हू

64
अब शायद यह खामोशी ही मेरी जिंदगी बन जाएगी
अब शायद यह खामोशी ही मुझे हर वक्त रुलाएगी
मैं खामोश हो चुका हूं पूरी तरीके से
ये मेरी बर्बादी का हिस्सा बन जाएगी

65
मैं अब इस तरह से खामोश हो चुका हूं
अब नहीं करता किसी से मोहब्बत पागल हो चुका हूं
लोगों ने सिर्फ मेरा इस्तेमाल किया है
और मैंने पूरी तरीके से खामोश हो चुका हूं

खामोशी शायरी: मैं आशा करता हूं आपको हमारी आज की पोस्ट Khamoshi shayari। खामोशी शायरी जरूर पसंद आई होगी अगर आप कोई अच्छी लगी हो तो आप इसे अपने सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और ऐसी शायरियां पढ़ने के लिए हमारे ब्लॉग पर आते रह

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