Love Story In Hindi। Love Stories In Hindi (बेपनाह मोहब्बत एक प्रेम कहानी)

Love Story In Hindi। Love Stories In Hindi 

Love story in hindi:

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अरे मम्मी कोई नहीं है आप जाओ मैं आ रहा हूं अभी,, नहीं मै खुद ही देख लूंगी अब तो और वो अंदर चली जाती है और बेड के नीचे से आवाज आई थी तो वो सीधा जाकर वहीं देखती है,, जय मन मै सोच रहा था बेटा अब तो निकल ले तू यहां से पता नहीं क्या सोचेगी मम्मी,, और वो वापस आकर कहती है तू सही कह रहा था कोई नहीं है मेरा बहम होगा शायद ये,, देखा मम्मी मैने तो कहा था पर आप अपने लाडले बेटे पर यकीन ही कहां करते हो ,, अच्छा अब ठीक है जल्दी आ जाना मै जा रही हूं बहुत काम है,, हा ठीक है!

अब वो वापस बेड के नीचे जाकर देखता है अरे ये कहां गई ,, कहीं गायब हो गई और वो देखता है तो सिया पर्दो के पीछे छुपी हुई थी और वो बाहर आती है ,, मुझे पता था आंटी अंदर आयंगी इसलिए मै पहले ही वहां से निकल गई थी,, हा वो ठीक है पर तुम चिल्लाई क्यों,,अरे चूहा था बिल्कुल तुम्हारी तरह बहुत बड़ा था तो क्या करती ,, अरे तो चूहा तुम्हे कोनसा खा जाता,, एक तो यार मैने बचा लिया तुम्हे ओर उपर से मुझे ही डांट रहे हो ,, अरे अरे कितनी समझदार हो तुम तो चलो मैं बाहर जा रहा हूं तुम तब तक रेडी हो जाओ नाश्ता यही ले आऊंगा बस आज की बात है कल तो हम एग्जाम देंगे और वापस निकल लेंगे,, हा ठीक है!

जय बाहर हॉल मै जाता है,, मम्मी मै अंदर जाकर खा लूंगा आप प्लेट मै दे दो ,, वैसे क्या बनाया है मम्मी,, आज आलू के पराठे बनाए है,, अरे मुझे तो बहुत पसंद है ,, तभी तो बनाए है तेरे लिए,, हा मै अंदर लेकर जा रहा हूं वही खा लूंगा,,दीदी कहा है ,, वो तो बाहर गई है आती ही होगी ,, ठीक है मै जा रहा हूं!

और वो रूम मै आता है,, सिया नहाकर आयी थी और वो अपने बाल सूखा रही थी और जैसे ही वो बालों को पीछे करती है पानी के बूंदे प्रताप के चहरे पर पड़ जाती है,, और वो उसे देख रहा था ,, अरे आ गए तुम,, हा चलो अब नाश्ता कर लो,, यार मुझे एक टेस्ट सीरीज देनी है ऑनलाइन अभी तो बाद में करती हूं ,, अरे पागल खाना मुंह से खाना है मै खिला दूंगा तुम टेस्ट सीरीज कर लेना,, और वो थोड़ी देर उसे देखती रही ,, अरे अब बैठो मै खिला देता हूं वैसे भी मेरी जिम्मेदारी है तुम्हारा ख्याल रखना,,और वो उसे खिलाने लग जाता है,,अरे बहुत टेस्टी है ,, हा मेरी मम्मी ने बनाएं है,, डफर तुम्हे भी आता है या नहीं कुछ,,अरे खा लो चुपचाप से कितना बोलती हो यार,,अच्छा अब सुनो मुझे थोड़ा काम से बाहर जाना है ,, अरे पर कहा जा रहे हो यार मै अकेली कैसे रहूंगी, अरे अभी भी जा रहा शाम को जाऊंगा थोड़ी देर में आ जाऊंगा वापस,,अभी स्टडी करते है,, हा ठीक है!

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शाम को टाइम,,

देखो मै बाहर जा रहा हूं बस थोड़ी देर में आ जाऊंगा ,, अरे पर मै यहां अकेली मै भी चलती हूं ना तुम्हारे साथ ,, तुम नहीं आ सकती यही रहो बस आ जाऊंगा कुछ देर में,, हा तो गुस्सा क्यूं कर रहे हो ठीक है ,, हा बाबा अब जाऊं मै ,, हा ठीक है जाओ ,, और कोई बात हो तो मुझे कॉल कर देना ,, ओक बाय,, और वो निकल जाता है! आप Love story in hindi। Love Stories in hindi पढ़ रहे है!!

यार 1 hour हो गया है ये तो अभी तक नहीं आया मै क्या करू पढ़ पढ़ कर बोर हो गई हूं ,, और वो बाहर देखती है तो शाम को अच्छा मौसम था सर्दी का,, अरे क्यू ना बाहर चली जाऊं थोड़ी देर जब तक वो नहीं आता( मन में सोचती है )
पर उसने तो मना किया था,, कोई नहीं मै तो जाऊंगी,,और वो बाहर चली जाती है!

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बाहर का मौसम बहुत ठंडा था,,और सामने ही रेलवे स्टेशन था तो वो वहीं चली जाती है घूमने,, और थोड़ी देर वहीं शांति से बैठती है और आंखे बंद कर लेती है,, तभी ट्रेन के हॉर्न से वो जाग जाती है,, अरे लगता है ट्रेन आ गई चलो अब मै भी घर चलती है अगर वो आ गया होगा मुझे नहीं देखेगा तो टेंशन लेगा फिर ,, तभी उसे एक लड़की दिखाई देती है जिसके हाथ में 2 बेग थे तो सिया वहां चली जाती है अरे दीदी एक मुझे दे दो आप मै भी इधर ही जा रही हो!

ओह थैंक यू सो मच,, तुम कहां जा रही हो ,, बस यही पास मै हमारा घर है,, अच्छा तो यही पर रहती हो या अभी आयी हो,, लो दीदी हमारा घर आ गया हम चलते है ,, ये तुम्हरा घर है यहां कोन रहता है तुम्हारा,, ये मेरा ससुराल है,, अच्छा जी ये आपका ससुराल है तो आप हमें नहीं ले जाएंगी क्या अंदर ,, अरे नहीं दीदी ऐसी बात नहीं है हम ले चलते पर क्या है ना हमारे पति अभी घर पर नहीं है बाहर गए है!

अच्छा तो आपके पति बाहर गए है तुम्हारी जानकारी के लिए बता दू ये घर मेरा है जिसे तुम अपना ससुराल कह रही हो और जिसको पति बता रही हो वो मेरा भाई है!

सिया चुप हो जाती है,, ये क्या किया मैने ज्यादा ही बोल गई अब क्या होगा,, अब बोलो कुछ तुम क्या हुआ और ये भाई तो गया आज इसकी खबर तो मम्मी लेगी अब तुम चलो मेरे साथ अंदर,, नहीं दीदी रुको को सही ऐसा नहीं है तभी जय आ जाता है और उन दोनों को एक साथ देख लेता है ,,ये दीदी के साथ क्या कर रही है लगता है हो गया कांड और वो उनके पास आता है!

भाई तूने शादी कर ली बताया भी नहीं और ये इस लड़की को भगाकर लाया है ना तू ,, अरे दीदी ऐसी बात नहीं है मै नहीं लाया किसी को भी भगाकर,, अच्छा तो शादी कर ली फिर अपने घर पर छुपाकर क्यों रखा है सही बता,, अरे मैने कब शादी कि कोई शादी नहीं की मैने,,तभी सिया बीच में बोलती है दीदी हमने झूठ बोला है आपसे हमारी शादी नहीं हुई वो हमने जल्दबाजी में बोल दिया ऐसा,, तो फिर तुम यहां आयी क्यू हो,,दीदी मै बताता है पूरी बात हुआ क्या ना ,, तू तो बोल ही मत बीच मै मै इससे ही पूछ लूंगी,, हा तुम बताओ ,, कल ना हम दोनों का एग्जाम है इसलिए मै यहां रुक गई,, पर घर में किसी को बताया नहीं है!

अरे भाई तो बता देता ना घर पर सबको,,क्या बात देता मम्मी कोनसा यकीन कर लेती ,, अरे इतनी प्यारी बच्ची को परेशान कर दिया ,, ये कोई प्यारी नहीं है इसने क्या कहा आपसे की हमारी शादी हो गई है इसको तो मै आज छोड़ूंगा नहीं,, तूने हाथ लगाया ना इसको तो फिर तू देख अब,, अब घर चलो ठीक है मै कह दूंगी मम्मी मान जाएगी ठीक है अब चल तू भी!

अच्छा तुम्हारा नाम तो बताओ क्या है ,, जय बीच मै ही बोल जाता है इसका नाम सिया है ,, तेरे से कोन पूछ रहा है अभी तो अगर मै घर में जाकर झूठ बोल दू ना कि तो सिया को जबरदस्ती लाया है यहां फिर देख मम्मी तेरा क्या हाल करती है ,, अपने सगे भाई के साथ ऐसा कोंन करता है दीदी ,,अच्छा ठीक है अब सिया सुनो मम्मी पूछे तो ये मत कह देना कि शादी हो गई और मेरा ससुराल है ये ,, अरे दीदी वो तो हमने मजाक में कह दिया था और तीनों हंसने लग जाते है !

तभी जय की मम्मी बाहर आ जाती है ,, अरे रुचि आ गई तू और ये तेरे साथ तेरी फ्रेंड है क्या ,, नहीं मम्मी ये मेरी फ्रेंड नहीं है ,, तो बेटा जी आप कोन हो और हमारे घर क्यू आए हो ,, सिया चुपचाप खड़ी थी क्या बोलती वो,, अरे मम्मी अपने लाडले बेटे से पूछो कोन है ये!

मम्मी ये मेरी फ्रेंड है वो अंकल है ना पापा के दोस्त उनके भाई की लड़की है ये भी वही रहती है और इसका भी कल एग्जाम है अकेली कहा रहती तो मैने कहा मेरे घर पर चलो तो ये यहां आ गई ,, पर तू तो कल आया था ये तो आज आयी है ,, वो मम्मी ये मेरे साथ ही आयी थी पर मैने आपको बताया नहीं ,, तुझसे तो मै बाद मै बात करूंगी!

बेटा आपका नाम क्या है ,, आंटी मेरा नाम सिया है ,,ये तो नालायक है इसने परेशान तो नहीं किया तुम्हे ,, आंटी बहुत परेशान किया इसने ,, क्या बोल रही हो सिया तुम ,, तुझे बोला ना चुप रह कितनी प्यारी बच्ची है बेटा एग्जाम होने के बाद भी यही रह जाना थोड़े दिन हमारे पास ,, ठीक है आंटी और वो उनके पैर छू लेती है ,, अरे बेटा अब ऐसा करो तुम रूम मै जाओ शाम हो गई है मै खाना लगा देती हूं अब!

मम्मी ये तो मेरे रूम में है मै कहां जाऊं अब ,, तू इस घर से बाहर जा और कहा जाएगा ,, और सभी हंसने लग जाते है ,,अच्छा तुम दोनों जाओ अभी तो बाद मै तू हॉल मै सो जाना है आज,, ठीक है मम्मी

और वो दोनों रूम मै चले जाते है,,अब तुम हॉल मै सोना अब आयेगा मजा,, बड़ा आया मम्मी मै कहां सोऊंगा,, ओह मेरा रूम है तुम सोना बाहर समझी,,अभी क्या कहा आंटी ने सुना नहीं क्या,, मेरे घरवाले भी अपनी तरफ कर लिए,, तुम्हे तो बाद में देख लूंगा मै,,कुछ नहीं होना तुमसे,, कितना बोलती है यार इसको तो आज ऐसा सबक सिखाऊंगा की याद रखेगी ये भी किससे पाला पड़ा है इसका( जय मन मै कहता है )!

तभी बाहर से आवाज आती है भाई आ जा खाना खा ले और सिया को भी ले आना,, हा आ रहा हूं ,, चलो खाना खा लेते है ,, तो इतना गुस्से में क्यू बोल रहे हो प्यार से बोलो!

नहीं आता मुझे प्यार से बोलना खाना है तो खा नहीं तो मत खाओ,, ठीक है नहीं जा रही मै आंटी को बोल दूंगी जय ने कहा है मत खा खाना,,सिया जी चलिए ना खाना खा लीजिए प्लीज ,, बोल दिया ना अब प्यार से चलो नौटंकी मत करो ,, हा तुम चलो मैं आती हूं अभी!

जय बाहर चला जाता है आज बताऊंगा इसको मुझसे पंगा ले रही है और वो वहीं छुपकर खड़ा हो जाता है और सिया के आने का वेट करता है,, और जैसे ही बाहर निकलता है सिया उधर से एक रही थी और वो उसको देखकर वापस छुप जाता है!

जैसे ही सिया वहां से क्रॉस होकर निकलती है वो roller skates को अपने पैर से लात मार देता है,, और सिया का पैर जैसे ही उस पर पड़ता है वो सीधा डायनिंग टेबल पर जाकर गिरती है और उसका मुंह सब्जी बॉउल मै,, और उसकी शक्ल एकदम बंदर जैसी लग रही थी जय उसको देखकर बहुत हंसता है,, मुझसे पंगा लेगी अब पता चला!

तभी जय वहां जाता है क्या हुआ सिया केसे गिर गई तुम और यार तुम्हारा मुंह तो देखो और फिर से हसंता है ,, क्या हंस रहा है दांट फाड़कर वो बच्ची के लग गई और तू हंस रहा है ( जय की मम्मी कहती है )!

बेटा कैसे गिर गई ध्यान से चला करो,, आंटी पता नहीं कैसे गिर गई मै वो जय की तरफ टेड़ा मुंह करके कहती है ,,अच्छा बेटा तुम जाओ और ये सब साफ़ करके आ जाओ ,,ए जय लेकर जा इसको,, हा चलिए सिया जी हम चलते है ना आपको लेकर!

सिया बाहर जाकर कहती है तुम्हारा खुश होना बनता है बच्चू ,,पर आगे आगे देखो होता है क्या इस बार तुम जीत गए अगली बार मेरी बारी है,, हा ठीक है पहले अपना चहेरा साफ कर लो बहुत फनी लग रही हो,,और जय वहां से चला जाता है,, क्या करू इसका मै मेरे बाल भी पूरे खराब कर

दिए डफर कहीं का और वो थोड़ी देर बाद बाहर चली जाती है,, अरे बेटा आओ अब खाना खा लो और सब खाना खाने बैठ जाते है ,, आंटी जय कहां गया ,, बेटा वो आ जाएगा तुम खाना खाओ,, ये जय शुरू से ऐसा ही है क्या,, ऐसा है मतलब क्या मै समझी नहीं बेटा!

आंटी ये सिगरेट पिता है,, और हो सकता हो बार मै भी जाता हो मैने देखा नहीं है पर इस उम्र में होता है ऐसा लड़के जाते है,, आंटी पता नहीं एक शराब पीने लगा गया होगा तो ,, मतलब मेंने देखा नहीं पर मै बस बोल रही हूं,,बेटा ऐसा तो नहीं हो सकता वो नहीं करेगा ये सब पर तुम कह रही हो तो पूछ लूंगी एक बार उससे मै,, आंटी आपको पता नहीं है लड़कियों के साथ जाता है ये मैने देखा है

आने दो इसको आज अभी बताऊंगी मै ,, इतने में ही जय आ जाता है मम्मी खाना दो आ गया मै,, भाई तू ये सब करता है आज पता चला हमें तो,, क्या करता हूं मै क्या पता चल गया,, अरे सिया नहीं बताती तो हमे तो पता ही नहीं चलता है ना मम्मी ,, हा सही कह रही है ये!

ऐसा कोनसा जुर्म कर दिया मैने जो आप लोग ऐसा बोल रहे हो और ये सिया ना क्या कहा आपसे,,देखा देखा आंटी डांट रहा है,,तू उससे कुछ नहीं कहेगा बाहर जाकर लड़की घुमा रहा है,, बार मै जाता है सिगरेट पीता है,, मम्मी इतने संगीन आरोप मेरे पर क्यू लगा रही हो आप मैने नहीं किया कुछ ऐसा वैसा,,ये सिया झूठ बोल रही है

अरे पर वो क्यों झूठ बोलेगी भाई मम्मी मुझे तो पक्का शक था इसके उपर जरूर करता होगा ये,, तेरे पापा को आने दे आज वो ही बताएंगे तुझे अब,, सो जा अब जाकर और रूम मै मत जाना सिया सोएगी वहां हॉल मै सो जा ,, जा रहा हूं !

अरे यार ये तो ज्यादा ही हो गया इसने तो खाना भी नहीं खाया ,गुस्से मै और गया है,, आंटी वापस बुला लो ना उसको खाना तो खाने दो मैने तो बस मजाक मै कहा था उसको तंग करने के लिए वो ऐसा नहीं है बहुत अच्छा है वो सोरी आंटी जी ,, अरे बेटा मुझे पता है वो नहीं है ऐसा और तुम मजाक कर रही हो ये भी पता था

पर कैसे मैने तो नहीं बताया आपको,, मैने तुम्हारी बाते सुन ली थी उसने तुम्हे गिराया ना आज,, आंटी वो तो ठीक है पर उसने खाना नहीं खाया,, अरे बेटा वो खा लेगा अब मेरी बच्ची को गिराया है उसने सबक तो सीखना बनता है ना,, अरे सिया मैने तो सच मान लिया था कि भाई ऐसा है ,, दीदी क्या कह रहे हो आप ,, और सब हंसने लग जाते है!

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सिया रुक अभी मत बताना उसको अभी तो और मजे लूंगी मैं चलो चले अपन ,, और वो दोनों जय के पास जाती है ,, भाई यार तू कैसे कर सकता है ऐसा बहुत ग़लत बात है ,, हा दीदी देखो आप इसको मै तो कितनी मासूम और शरीफ हूं ना ,, दीदी इसको लेकर जाओ यहां से दिमाग खराब मत करो यार,, तभी जय की मम्मी वहां आ जाती है

अब नाटक मत कर ज्यादा चल खाना खा ले ,, नहीं आ रहा मै तो झूठा इलज़ाम लगती है ये सिया मेरे पर ,, पता है मुझे अब चल तू भी कोई दूध का धुला नहीं है उसको गिरा दिया सब देखा था मैने अब सॉरी बोल दे उसको ,, सॉरी तो ना बॉलू मै इसको,, आंटी रहने दो ना जय तुम खाना खा लेना मै रूम मै जा रही हूं ,, हा ठीक है जाओ !

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अब आगे....

जय: मै कुछ ज्यादा ही बोल गया यार मुझे उसको सॉरी बोल देना चाहिए,, सुबह बोल दूंगा वैसे भी रात हो गई है
और कल तो एग्जाम देने भी जाना है और वो ये सब सोचकर सो जाता है !

सिया:: मैने तो बस मजाक किया था डांट पड़ गई उसको सुबह देखते है अब और वो भी सो जाती है !

सब सुबह जल्दी उठ चुके थे क्युकी आज दोनों का एग्जाम था जय सिया के पास जाता है सिया तुम रेडी हो ,, हा मै तो कब की रेडी हो चुकी हूं तुम बताओ,, हा मै भी चलो अब चले कहीं लेट ना हो जाए और दोनों जल्दी रूम से बाहर निकलते है!

मम्मी हम जा रहे है ,, बेटा कुछ खाकर तो जा ,, बाद मै आकर खा लेंगे आंटी अभी लेट हो रहा है,, ठीक है जाओ बेटा ,, ओर वो दोनो निकल जाते है !

एग्जाम सेंटर पर पहुंचते ही दोनों एक दूसरे को ऑल द बेस्ट बोलते है और अन्दर चले जाते है !

3 घंटे बाद ::

जय बाहर सिया का वैट कर रहा था कि वो कब तक आयगी ,, ओर सिया पीछे से आकर उसके कंधे पर हाथ रख देती है,, ओह आ गई तुम कैसा गया पेपर,,मेरा तो एकदम मस्त गया,, तुम्हारा कैसा गया,, हा ठीक ही गया मेरा भी चलो अब चले !

ऐसा क्यों बोल रहे अच्छा नहीं हुआ क्या,, अरे अच्छा ही हुआ है देखते है बाद में अब और कल के लिए सॉरी इतना कुछ बोल गया मै ,, अरे तो इसमें सॉरी क्या मैने भी तो इतना परेशान किया तुम्हे,, ओर दोनों घर की ओर चले जाते है !

घर पर सब उनका वैट कर रहे थे और वो जैसे ही आते है,,सब पूछते है कैसा रहा एग्जाम,, बहुत अच्छा हुआ मम्मी,, हा आंटी बहुत अच्छा हुआ,, मम्मी हम आज ही जा रहे है यहां से वापस क्युकी अब आगे की प्रिपरेशन भी तो करनी है ,, पर बेटा बस कल तक रुक जा एक दिन मै क्या होता है और कल संगीत का फंक्शन भी है !

मम्मी किसकी शादी आ गई अब ,, अरे वो है ना हमारी मोसी जी उनकी लड़की को हमारे यहां ही रखा है फंक्शन एक दिन रुक जा कल चले जाना दोनों,, ओक ठीक है!

पर आंटी मैंने तो सोचा था बस एक दिन के लिए जा रहे हैं मै तो अपने कपड़े भी नहीं लाई,,कोई बात नहीं बेटा जय के साथ चली जाना और जो लेकर आना है ले आना !

तभी दरवाजे पर कोई आता है,, अरे विशाल तू वह चाचा ओर चाची जी नहीं आए क्या ,, बस वो शाम तक आयंगे,, अच्छा ठीक है और वो उसे अन्दर ले आता है !

विशाल आकर सिया से मिलता है,, ये कौन है भाई,, ये मेरी दोस्त है,, ओर दोनों एक दूसरे को हैलो बोलते है,, अच्छा तू आराम कर बाद मै मिलते है थक गया होगा ,, हा ठीक है !

सिया हम चले अब तुम्हे कुछ लेना था ना मार्केट से ,, मुझे नहीं जाना तुम्हारे साथ,, तो फिर किसके साथ जाओगी,, मै विशाल के साथ चली जाऊंगी,, पर उसके साथ क्यू तुम उसके साथ नहीं जा सकती,, क्यू नही जा सकती बताओ जरा,, मेरा मतलब है जा तो सकती हो पर उसको यहा का कुछ पता नहीं है इसलिए,, मै उसको बता दूंगी सब मै उसके साथ जा रही हूं बस,, जो मर्जी आए करो मै भी जा रहा !

अब आयगा मजा वैसे इसको क्यों जलन हो रही है( सिया मन में सोचती है ) ओर वो विशाल कै पास जाती है ,, तुम मेरे साथ मार्केट चल सकते हो,, नहीं भाई को पता चला तो पता नहीं क्या करेगा,,, अरे तुम्हारे भाई को मै संभाल लूंगी मैं हूं ना कुछ नहीं करेगा वो ,, ठीक है चलो तो फिर!

और वो दोनों चले जाते है,,कुछ अक्ल नहीं है इसे मुझे भी जाना पड़ेगा अब समझती ही नहीं है ओर वो भी उनके पीछे चला जाता है,, सिया को वो दिख गया था और वो हंस रही थी और उसको जलाने के लिए विशाल से बाते करती हुई जा रही थी!

और वो दोनों एक शॉप पर चले जाते है ,, जय भी अंदर जाकर बैठ जाता है जहां से उसे कोई ना देखे और वो उन दोनो को देख रहा था,, सिया ने उसे देखा पर वो नहीं दिखा तो उसने सोचा कहीं नाराज होकर वापस तो नहीं चला गया ना ,, ओर शॉपकीपर उनको कपड़े दिखाने लगा पर सिया को कुछ पसंद ही नहीं आ रहा था वो बस जय को देख रही थी कहां गया!

विशाल:: मै थोड़ा बाहर जाकर आता हूं आप तब तक देखो लो फिर मुझे बता देना !

सिया :: हा ठीक है!

और विशाल के बाहर जाते ही वो,, मेम आप कुछ भी ले लो बहुत मस्त हो आप,, अपनी हद में रहकर बात करो समझे नहीं तो इतना मारूंगी ना सब भूल जाएगा,,ओर वो सिया के हाथ पर अपना हाथ रख देता है !

जय ये सब देख रहा था,, ओर वो वहा आकर उसे लात मारता है ,, तेरी हिम्मत कैसे हुई इससे बदतमीजी करने को जान से मार दूंगा साले तुझे,, सर गलती हो गई तभी बहुत से लोग वहां आ जाते है और जय को शांत करवाते है ,, पर वो उसे मारे जा रहा था ,, तभी सिया जाकर उसे रोक लेती है ,, चलो अब बहुत हो गया सब लोग देख रहे है,, ओर वो जय का हाथ पकड़कर उसे बाहर ले जाती है !

बाहर आते ही वो कहती है जान से मार देते क्या उसको आज कितना मारा तुमने उसे,,  उसने हरकत ही ऐसी की थी,, ओर हा कोई तुम्हारे साथ बदतमीजी करे मुझे नहीं बर्दाश्त,, तभी विशाल वहा आ जाता है क्या हुआ भाई,, कुछ नहीं हुआ तू घर जा मै सिया को लेकर आ जाऊंगा !

सिया उसकी तरफ देख रही थी ,, अब ऐसे क्या देख रही हो बैठो चले अब ,, मै खुद से चली जाऊंगी,, नाटक मत करो चुपचाप से बैठो वो गुस्से में कहता है ,, ओर सिया बैठ जाती है और वो दोनों घर चले जाते है !

वहां पर सारी तैयारी हो चुकी थी ,, मम्मी मै आज के फंक्शन में नहीं आ रहा हूं और कोई मुझे ये पूछने नहीं आयगा की क्या हुआ ओर वो ये कहकर अपने रूम में चला जाता है,, जय की मम्मी सिया से पूछती है क्या हुआ बेटा इसको ,, आंटी नहीं पता पर आप टेंशन मत लो मैं इसको लेकर आ जाऊंगी आप बाकी लोगो को देखो!

सिया उसके पीछे से उसके कमरे में चली जाती है,, क्या हुआ ऐसे क्यों आ गए यहां पर,, देखो तुम अभी जाओ मुझे नहीं आना तो नहीं आना बस,, अरे पर इतनी सी बात मै क्या मूड खराब करना प्लीज मेरे लिए आ जाना यार देखो सब घरवाले कितने परेशान होंगे,, ठीक है आ जाऊंगा मैं अब जाओ यहां से ,, ओर सिया चली जाती है वो नीचे जय का वेट कर रही थी !

अब आगे.....

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सिया नीचे जय का वैट कर रही थी कि वो कब आयगा,, ओर थोड़ी देर बाद देखती है जय सीढ़ियों से नीचे आ रहा था ब्लू कॉलर की शेरवानी मै वो आज कमाल लग रहा था और नीचे आकर सिया के पास खड़ा हो गया!

जय:: क्या सोच रही थी कि मै नहीं आऊंगा

सिया:: मै क्यों सोचू तुम्हारी मर्जी आना है तो आओ नहीं तो मत आओ मुझे क्या वो मुंह टेढ़ा करके बोलती है!

जय:: तुम्हारी आंखे तो कुछ और ही कह रही है मिस सिया ओर वो उसके करीब आ जाता है हवा से सिया की जुल्फे उड़कर उसके चहरे पर आ जाती है!

सिया अपनी नजरे झुका लेती है जय उसके ओर करीब जाता है,, तभी जय की मां आ जाती है तू यहां क्या कर रहा है इतना काम है बस मस्ती कर ले तू ओर तो कुछ आता जाता नहीं है!

तभी एक लड़की आती है और जय के गले लग जाती है,,अरे सानिया तुम कब आयी ओर यहां कैसे,,बस अभी आयी ओर क्या ओर जय उसे अपने से अलग करता है !

सिया:: दीदी ये देखो आपको भाई कैसे चिपक रहा है उस लड़की के गले लगा रहा है उसको,,अरे वो लड़की तो पता नहीं कौन है मै भी नहीं जानती !

तभी सिया जय के पास जाती है कौन है ये लड़की और इतना क्यों चिपके जा रहे हो,, कोई भी हो तुम्हे तो कोई मतलब नहीं है मुझसे फिर क्यों जलन हो रही हो वो हसंते हुए कहता है!

मुझे और जलन,, जले मेरी जूती,, अच्छा तो ठीक है मैं उसके साथ डांस करने जा रहा हूं ,, देखो तुम नहीं जाओगे जलन नहीं हो रही है पर मै तुम्हारी दोस्त हूं इसलिए कह रही हूं वो लड़की ठीक नहीं है ,, अच्छा तो उसके साथ ना करू डांस तो फिर क्या तुम्हारे साथ करू मिस सिया ,,मुझे नहीं करना तुम्हारे साथ ओर वो जाने लगती है,, जय पीछे से उसका हाथ पकड़ लेता है और अपनी ओर खीच लेता है!

सोंग स्टार्ट होता है और सभी कपल डांस कर रहे थे,,सिया का हाथ जय के सीने पर था और जय का उसकी कमर पर दोनों एक दूसरे को आंखो मै देख रहे थे!

तभी डांस पार्टनर चेंज होते है और जय के पास सानिया आ जाती है और सिया किसी और के साथ डांस कर रही थी,, पर वो देख एक दूसरे की तरफ ही रहे थे,, सिया डांस करते हुए अचानक गिर जाती है गाना बंद होता है सब उसके पास आते है भगाकर,, सिया उठने की कोशिश करती है पर उससे चला नहीं जाता है ,, तभी जय आता है और सिया को गोद में उठाकर अपने रूम में ले जाता है !

क्या करती हो तुम लग गई ना अब चोट,, अरे पर मेरी बात तो सुनो ,, तुम कुछ नहीं बोलोगी अब चुप रहो और वो उसके होठों पर उंगली रख देता है,,देखो थोड़ा दर्द होगा पर ठीक हो जाएगा बाद पैर मूड गया है ,, ओर जय दुबारा से झटके के साथ उसका पैर सीधा करता है और सिया जोर से चिल्लाती है,, अरे चुप हो जाओ हो गया अब बताओ कैसा लग रहा है ,, हा अब ठीक है पर ऐसा कौन करता है यार मुझे बहुत दर्द हुआ वो भोली से शक्ल बनाकर बोलती है!

ये पहले सोचती ना जब उसके साथ डांस कर रही थी ,, बोल तो ऐसे रहे हो जैसे ही मैं ही कर रही थी तुम कौनसा भजन कर रहे थे वहां,, उस सानिया के साथ चिपक रहे थे कभी यह कभी वहां!

हा तो मेरी मर्जी मुझे मजा आ रहा था वो हंसते हुए कहता है,,सिया पिल्लो उठाकर उसे मारती है बड़ा आया मजे लेने वाला आगे से याद रखना दुबारे चिपके ना उस लड़की का ही काम तमाम कर दूंगी ,, अरे ओह झांसी की रानी शांत हो जाओ मजाक कर रहा था मै चलो अब रेडी रही अपना समान पैक करो वापस चलना है हमे,, पर आज ही कल चलते है ना ,, नहीं यार आज ही चलना होगा ,, ठीक है मैं कपड़े चेंज कर लेती हूं !

जय भी दूसरे रूम मै चला जाता है  कपड़े चेंज करने ,, थोड़ी देर बाद दोनों हॉल में मिलते है सब उनका वैट कर रहे थे,, जय अपनी मां के पैर छूता है और गले लग जाता है,, मम्मी मै जा रहा हूं पर जल्दी ही आऊंगा और सब घर वालो से भी मिलता है,, जय की मम्मी सिया को गले लगाकर कहती है अगली बार जब भी यहां आओ कभी तो हमारे घर जरूर आना बेटा ,, हा आंटी जरूर आऊंगी ,, अच्छा मां अब हम चलते हैं दोनों सबको बाय बोल देते है !

जय अपनी बाइक निकालता है और वो वापस दिल्ली की तरफ चल पड़ते है,, सिया को नींद आ रही थी क्युकी वो थक गई थी और वो जय के पीछे से जोर से पकड़ लेती है और उसके कंधे पर सर रखकर सो जाती है,,, 4 घंटे के सफर के बाद वो दिल्ली पहुंच जाते हैं।

और जैसे ही घर जाते है वहां को माहौल तो अलग ही था जैसे कुछ हुआ हो,, जय कहता है क्या हुआ अंकल कुछ हुआ है क्या आप सब लोग परेशान लग रहे हो !

सॉरी बेटा हमे माफ कर देना ,, पर अंकल आप माफी क्यों मांग रहे हो क्या हुआ बताओ तो सही ,,, अब तुम इस घर में नहीं रह सकते हो तुम्हे जाना होगा !

पर चाचू ये क्यों जाएगा क्या हुआ आप ऐसा क्यों बोल रहे हो ,, बेटा भाईसाहब का कॉल आया था और उनको ये नहीं पसंद की कोई लड़का हमारे घर मै रहे जब तुम यहां रह रही हो तो ,,, ओर मै उनकी बात नहीं टाल सकता,, जय हमे माफ कर देना तुम मेरे दोस्त के लड़के हो पर मै क्या करू!

अंकल कितना सोचते हो आप माफी मांगने की कोई जरुरत नहीं है मै अभी चला जाऊंगा यहां से ,, नहीं बेटा कल चले जाना अभी तो रात हो गई है कहां जाओगे ,, नहीं मै रह लूंगा कहीं भी आप टेंशन मत लो ,, प्लीज जय आज रुक जाओ ना मत जाओ रात हो गई कल चले जाना ( सिया कहती है)!

ठीक है नहीं जा रहा कल चला जाऊंगा तुम कह रही हो तो ओर वो तुंरत ही अपने रूम में चला जाता है अंदर,, सिया भी उसके पीछे जाती है!! आप Love story in hindi। Love Stories in hindi पढ़ रहे है

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अब आगे.....

सिया उसके पीछे कमरे मै आती है,, सॉरी जय मेरी वजह से तुम्हे जाना पड़ रहा है,, अरे इसमें सॉरी क्या कही भी रह लूंगा और वैसे भी क्लास मै तो हम मिल ही लेंगे ना फिर क्या तुम बस अपनी स्टडी पर फोकस करो।

सिया थोड़ी सी दुखी हो जाती है ,, देखो अब ऐसे सडो मत हंसती हुई अच्छी लगती हो तुम मुस्कुरा दो अब,, ओर सिया थोड़ा हंस देती है,, अच्छा अब तुम भी जाओ थक गई होगी ना मै भी सो जाता हूं कल मिलते है,, ओर दोनों एक दूसरे को गुड नाईट बोलकर सोने चले जाते है ।

अगली सुबह जय अपनी सारी पैकिंग कर चुका था और बस जाने की तैयारी कर रहा था,, पर सिया अभी तक नहीं आयी थी और वो उसका ही वैट कर रहा था,, भईया आप जा रहे हो मत जाओ ना परी कहती है ,, नहीं बेटा अब जाना पड़ेगा तुम्हारी दीदी है ना तुम्हारे साथ ओर सिया भी आ जाती है।

अच्छा हुआ तुम आ गई जा रहा हूं मै और वो सबको बाय बोलकर घर से बाहर चला जाता है ,, ओर सिया भागती हुई बाहर आती है और उसके गले लग जाती है,, जय भी उसको गले से लगा लेता है,, पर तभी सभी घरवाले भी बाहर आ जाते है,, जय तुमसे एक बात कहनी थी ,, हा अंकल बोलिए ना,, देखो तुम यहां से जा तो रहे हो पर ये घर भी तुम्हारा ही है जब मर्जी हो आ सकते हो यहां पर ,, हा अंकल ये बात पता है मुझे ,, ओर बेटा कल होली है तो जरुर आ जाना सुबह सुबह ही ठीक है !

पर मै कैसे आ सकता हूं ,, अरे तुम अब यहां रह तो नहीं रहे ना तो किसी को कोई प्रॉबलम नहीं होगी प्लीज जय आ जाना सिया कहती है ,, ओक ओक आ जाऊंगा कल तो फिर मजा आ जाएगा मतलब,, ओक मिलते है कल फिर ओर वो वहां से चला जाता है।

जय का फोन कब से बज रहा था पर वो उठा ही नहीं रहा था,, पता नहीं कहां है फोन भी नहीं उठा रहा आज आने दो इसको फिर बताऊंगी,, हेलो कौन है सुबह सुबह,, उठ गए बड़े जल्दी पता है ना आज होली है और तुम्हे यहां आना है और अभी तक सो रहे हो देखो अगर 1 घंटे में नहीं आए ना तो कभी बात नहीं करूंगी तुमसे में याद रखना बाय,,, सिया सुनो तो सही यार सुनो,, है भगवान क्या करू इस लड़की का मै,, बात सुने बिना ही कॉल कट कर दिया,, अभी तो जल्दी से उठता हूं और जाता हूं। वरना पता नहीं क्या करेगी मेरा और वो जल्दी से उठकर फ्रेश होता है।

यहां सिया उसका इंतज़ार कर रही थी और इसी वजह से उसने अभी तक रंग नहीं लगवाया था,, तभी परी आती है दीदी आज होली के दिन सूखा - सूखा आओ ना होली खेले ,,नहीं बच्चा तुम खेलो मैं अभी आती हूं तभी परी कहती है आप मत खेलो जय भईया आ गए मै उनके साथ खेल लूंगी और परी भागकर जय के पास चली जाती है।

देखो ना भईया दीदी होली नहीं खेल रही है ,, अच्छा तुम्हारी दीदी होली नहीं खेल रही ऐसा कैसा हो सकता है परी तुम रुको अभी,, जय अपने हाथ में गुलाल लेकर अपने हाथ पीछे कर लेता है और सिया के पास जाता है ।

सिया उसको देखती ही बोलती है,, ओह आ गए बड़ी जल्दी आए ,,कहां थे तुम अब तक,, अरे वो पहले मै रोशनी के घर गया फिर सलोनी के फिर सानिया के फिर नेहल का तो टाइम तो लगता है ना पर अब आ गया अब नहीं जाऊंगा कहीं पर ,,,, मुझे तुमसे बात ही नहीं करनी है तुम जाओ उन्हीं के पास ओर सिया जाने लगती है।

जय उसका हाथ पीछे से पकड़ लेता है और उसे अपने सीने से लगा लेता है,, ऐसे कैसे जा रही है मिस सिया ओर वो अपने हाथो से सिया के गालों पर रंग लगा देता है,, दोनों एक दूसरे की तरफ देख रहे थे तभी सिया पास ही पड़ा गुलाल का थाल पूरा जय के उपर उड़ेल देती है और बोलती है ,,हैप्पी होली मिस्टर डफर ओर भाग जाती है ,, सिया रुको आज तुम्हे ना छोड़ूंगा नहीं मै और जय कलर की बाल्टी लेकर सिया के पीछे भागता है !! आप Love story in hindi। Love Stories in hindi पढ़ रहे है!!

तभी उसके कुछ दोस्त वहां आ जाते है,, अरे हैप्पी होली भाई कहा भागा जा रहा है इतनी जल्दी मै ,, अरे तुम लोग यहां तुम्हे किसने बुलाया,, हमे सिया ने बुलाया है ,, हा तो हैप्पी होली मै जा रहा सिया के पास आज वो सिया की बच्ची बचेगी नहीं,, ओर जय वहा से चला जाता है।

अरे अजय ऐसा करते है आज जय को भांग वाला शरबत पीला देते है,, अरे नहीं यार वो नहीं पीता हम ऐसा नहीं कर सकते,, दीपक कहता है ,, अरे तो क्या हो गया एक दिन मै मर नहीं जाएगा वो ,, अच्छा ठीक है जो करना है करो।

इधर जय सिया को देख रहा था पर सिया मिल नहीं रही थी वो जैसे ही अंदर जाता है सिया पर्दो के पीछे छुपी हुई थी जय उसे देख लेता है और पूरी बाल्टी का पानी उसकी उपर फेंक देता है और कहता है देखा मुझसे पंगा लेने का नतीजा क्या होता है,, सिया उसके पास आती है इससे पहले ही जय
वहां से भाग जाता है !

तभी उसके पास अजय आता है,, ले भाई शरबत पी ले तेरे लिए लाया हूं ,, अरे अभी नहीं यार बाद मै अभी तो सिया आती होगी गुस्से मै ,, अरे भाई पी ले ना कितनी मेहनत से बनाया है,, अच्छा चल दिए पी लेता हूं ,, ओर जय शरबत पी लेता है कुछ ही देर में उसको भांग का नशा चड़ जाता है जैसे ही अजय को लगता है नशा चड़ गया वो उसे रूम मै ले जाता है और नीचे आते वक्त उसे सिया मिलती है ,, अजय तुमने जय को देखा था क्या ,, हा सिया वो उपर है रूम मै और तुम्हे बुला रहा था ,, ठीक है में उपर जाती हूं पता नहीं क्यों बुला रहा होगा कहीं कुछ हुआ तो नहीं ,, तुम देख ले जाकर,, अब आयगा मजा ( अजय कहता है )

सिया उपर रूम मै जाती है,, जय बेड पर बैठा हुआ था,, जय तुमने मुझे बुलाया था क्या पर जय बेड पर गिर जाता है ,, सिया उसके पास जाती है और जय को उठाती है क्या हुआ तुम्हे,, तुमने भांग पी ली क्या ,, मुझे पता नहीं सिया मैने तो शरबत पिया था ,, जय सिया का हाथ पकड़ लेता है और कहता है तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो,, नहीं तुम तो उस सलोनी के पास जाओ सानिया के पास जाओ ,, अरे पागल वो तुम्हे जलाने के लिए बोला था वो ओर वो खड़ा होकर वापस गिर जाता है,, सिया जाने लगती है और कहती है तुम होश मै नहीं हो मै तुम्हारे लिए कुछ लेकर आती हूं ।

पर जय पीछे से सिया का दुप्पटा पकड़ लेता है और कहता है मत जाओ ना मुझे तुमसे कुछ कहना है ,, सिया मुड़ती है और कहती है बोलो क्या बोलना है,, मै तुमसे बहुत प्यार करता हूं I love you very much siya ,,, सिया को समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या बोले वो बस एकटक उसे देख रही थी ,, जय कहता है वो सानिया ओर बाकी लड़की कुछ नहीं है मेरे लिए,, मेरे लिए बस तुम ही सब कुछ हो ,, देखो जय तुम होश मै नहीं हो इसलिए ऐसा बोल रहे हो ।

सिया ओर कुछ कह पाती इससे पहले ही जय वापस बेड पर गिया ओर इस बार बेहोश हो गया था

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अब आगे .....

सिया:: होश तो है नहीं इस लड़के को गिर गया...पाता नहीं किसने पीला दिया बेचारे को अभी तो होश में लाना पड़ेगा इसको..मिस्टर अकडू ऐसे ही पड़े रहो बेड पर तुम्हारी लिए अब लेकर आती है शरबत जिससे ये नशा उतरे तुम्हारा ओर सिया वहां से चली जाती है।।

सिया सोचते हुए नीचे जा रही थी...कहीं ये सच में प्यार तो नहीं करता पर ऐसा कैसे हो सकता है मै भी पता नहीं क्या सोच रही हूं ओर वो एक वेटर के पास जाती है,, भईया वो ना जय को भांग का नशा चढ़ गया है तो आप कुछ बनाकर ले आओ जिससे उसका नशा उतर जाए...हा दीदी आप रुको हम अभी लेकर आते है।।

जय वहां से गुजर रहा था और सिया उसे देख लेती है... जय जरा यहां आना तो तुमने ही मुझे ऊपर भेजा था ना की जय मुझे बुला रहा है... हां मैंने ही भेजा था क्या हुआ... यानी भांग भी तुमने हीं पिलाई... नहीं नहीं मैंने नहीं पिलाई है किसने कहा तुमसे... देखो झूठ मत बोलो मुझे सब पता है
अगली बार से जय के साथ ऐसा कुछ किया ना मैं तुम्हारे टांगे तोड़ दूंगी...अरे इतना क्यों भड़क रही है ऐसा भी क्या कर दिया अच्छा मुझसे गलती हो गई अब आगे से कभी नहीं होगा... हां तुम्हारे लिए यही बेहतर है।।

अजय वहां से चला जाता है... इतने में ही वेटर वहां आ जाता है...ये लीजिए दीदी हम ले आए अजय भईया के लिए शरबत इससे उनका नाश उतर जाएगा... थैंक्यू भैया मैं अभी जाकर उसको पीला कर आती हूं... और सिया वापस जय कि रूम में जाती है... अभी भी कैसे पड़ा है बेचारा और वह उसके ऊपर थोड़ा पानी डालती है जिससे उसको होश आ जाता है... और उसको शरबत पिला देती है।।

सिया नीचे चली जाती है थोड़ी देर बाद जय भी नीचे आता है... ओर वो सिया को जैसे ही देखता है उसका हाथ पकड़ कर कमरे में ले जाता है.. अरे कहां ले जा रहे हो बताओ तो सही... मुझे यह बताओ कि कुछ हुआ था क्या.. हां हां हुआ था ना... मैने कुछ ग़लत तो नहीं किया ना ....अरे बाप रे क्या बताऊं बहुत ग़लत किया तुमने....सच में यार मैने ग़लत किया क्या....अरे कुछ नहीं किया पागल कुंभकरण की तरह पड़े हुए थे तुम...हा पता नहीं कैसे नशा हो गया...पर में अब चलता है...अच्छा अभी जा रहे हो तुम्हे कुछ कहना नहीं है मेरे से...नहीं मुझे तो कुछ नहीं कहना है अच्छा चलता हूं।।

सिया उसके जाने के बाद सोचती है मैंने सही सोचा था इसमें नशे में बोला है...नहीं तो मेरे पूछने पर बता देता ना।।

जय भी सोचता हुआ जा रहा था ...पता नहीं क्या हुआ यार सर ही भारी हो रहा है घर जाकर सो जाऊंगा..ओर वो घर चला जाता है।।

शाम को वक्त था ओर वो छत पर खड़ा हुआ शहर को देख रहा था हवा को झोंका आता है और उसके बालो को बिखरा कर चला जाता है...पता नहीं कोनसा रिश्ता है उससे जब भी उसके करीब होता है कुछ अलग ही एहसास होता है..
उसके लिए इतनी फिक्र क्यों करता हूं मै...कहीं मुझे उससे प्यार तो नहीं है..पर मुझे कैसे प्यार हो सकता है फालतू सोच रहा हूं कल मिलता है उससे ये सोचकर वो अपने रूम में सोने चला जाता है।।

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सुबह उठते ही वो फ्रेश होकर सिया के घर जाता है आज तो क्लास है पता नहीं ये आलसी उठी होगी या नहीं आज..पर वहां जाकर देखता है तो बहुत सारे मेहमान आए हुए थे और सिया के मम्मी - पापा भी...ये सब लोग यहां पर शायद कोई फंक्शन होगा ओर वो सिया को बाहर से ही कॉल करता है जल्दी आ जाओ लेट हो रहा है ओर ये आज इतने लोग क्यों है घर पर...अरे वो लड़के वाले आए है...किसके है ये लड़के वाले ओर क्यों आए है...अरे पागल हर बात समजाऊ इसको अरे लड़के वाले मतलब मेरी शादी की बात करने आए है।।

क्या मजाक कर रही हूं तुम मुझे उल्लू बना रही है ना पर ये
सही नहीं है... मै सच बोल रही हूं कोई मजाक नहीं है...तुम पागल हो गई हो क्या तुम कैसे शादी कर सकती है यार....
क्यू नही कर सकती हूं मै शादी आज नहीं तो कल करनी ही है ओर तुम्हे क्यू फर्क पढ़ रहा है तुम जाओ अपनी गर्लफ्रेंड्स के पास...ठीक है मुझे तुमसे बात ही नहीं करनी है अब जा रहा हूं मै।।

अरे सुनो तो सही गुस्सा मत करो पर जय कॉल कट कर देता है ओर वहां से चला जाता है... सिया जल्दी से वीडियो से नीचे आती है और उसके पापा उसे रोक लेते हैं... कहां जा रहे हो बेटा... पापा मुझे क्लास के लिए लेट हो रहा है मैं बाद में मिलती हूं... पर जो लड़का उसको देखने आया था  वह कहता है मैं आपको छोड़ देता हूं... नो थैंक्स में कुछ चली जाऊंगी..पर सिया के पापा बोलते हैं बेटा चली जाओ ये कहा रहा है तो... ठीक है पापा।।

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सिया बाहर आती है.. वह लड़का सिया से कहता है हाय मेरा नाम अनिल है... हां ठीक है अब जल्दी चलो मुझे लेट हो रहा है...ओर सिया जल्दी से कोचिंग के कैंपस में पहुंच जाती है... और वह जय को ढूंढ रही थी.. पर जय उसे नहीं मिल रहा था... तभी वह पार्क में जाती है और जय को इधर-उधर देखती है... तो उसे जय दिख जाता है वहीं बैठा हुआ था सिया उसके पास जाती है अरे यार पूरी बात तो सुन लेते इतने गुस्से में आ गया यहां पर ... क्या बात सुनो जाओ जाओ तुम तो शादी करो... अरे तो अभी कौन सी शादी हो रही है अभी तो सिर्फ देखने आए है.. मुझे कुछ नहीं पता बस तुम उससे शादी नहीं करोगी तो नहीं करोगी बस... हां बाबा ठीक है नहीं कर रही अब चले पढ़ने... हां तुम चलो मैं अभी आता हूं।।

सिया वहां से चली जाती है... जय भी जा ही रहा था इतने में ही अनिल वहां आ जाता है वह उन लोगों की बातें सुन रहा था.. वो जय के पास जाता है और कहता है मेरा नाम अनिल है... हां तो मुझे क्यों बता रहा है पोस्टर लगवा दे यहां पर.. तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझसे इस तरीके से बात करनी है... तेरा भी तो अच्छे से ही बात कर रहा हूं दिमाग खराब हो उससे पहले चला जा...मैं तो चला जाऊंगा पर तू ध्यान से सुन ले जिस लड़की से तू बात कर रहा है ना वह मेरी होने वाली पत्नी है सिया... अबे ओ छछूंदर तू और उसका पति मुझे तो बहुत हंसी आ रही है सुनकर... तू उसका दोस्त है ना तो अपनी हद में रह...मुझे अपनी हद मत सीखा मैं अपनी हद भूल गया ना तो तेरा वह हाल करूंगा कि देखता रह जाएगा और रही बात शादी की तो सुन तेरी शादी सिया से कभी नहीं होने दूंगा मैं... अच्छा क्या कर लेगा तू...वह तो मैं बाद में ही बताऊंगा और जय उसको धक्का देकर वहां से चला जाता है।।

अब आगे.....

शाम का वक्त हो चुका था और क्लास भी खत्म हो गई थी..सिया क्लास से बाहर आती है जय उसका वेट कर रहा था...अच्छा हुआ तुम आ गई चलो अब घर चले..क्या हुआ जय इतने परेशान क्यों हो ओर तुम्हे तो पता है तुम घर नहीं जा सकते हो और आज तो पापा - मम्मी दादी सब आए हुए है... हा तो क्या हो गया वो अनिल जा सकता है में नहीं ओर अंकल वैसे भी मुझे जानते है ओर मै कोनसा वहां रहने जा रहा है वापस आ जाऊंगा...अच्छा बाबा चलो इतना गुस्सा क्यों हो अभी तक वहीं बात सोच रहे हो क्या... कौनसी बात मै नहीं सोचता हूं ज्यादा तुम्हारी तरह हुई।।

सिया:: देखो मुझे अभी तुमसे लड़ाई नहीं करनी है

जय:: हा तो मै कोनसा मरा जा रहा हूं तुमसे लड़ने के लिए

सिया:: मै जा रही हूं अकेली तुम आते रहना

जय:: अरे रुको ना यार रुको तो सही आ रहा हूं और वो भाग कर उसके पास जाता है।।

सिया:: क्यों आए हो अब जाओ जाओ तुम तो।।

जय :: सोरी ना वो गुस्सा आ गया था थोड़ा अरे यार वो अनिल है ना उसकी वजह से।।

सिया:: अच्छा उसने क्या किया तुम उससे मिले हो।।

जय:: अभी इसको कुछ नहीं बताता हूं( मन में) नहीं में नहीं मिला उससे...अच्छा ये सब छोड़ो घर चले अब।।

सिया:: हा पर याद रखना पापा भी है वांहा पर।।

जय:: हा पता है ससुर जी है वहां पर।।

सिया:: ये क्या कह रहे हो तुम पागल हो गए हो क्या।।

जय:: मजाक कर रहा हूं चल ना यार अब।।

शाम का समय:: सिया का घर

बेटा आ गई तुम कैसी रही आज की क्लास...हा पापा अच्छी ही रही...ओर ये तुम्हारे साथ कौन है...पापा ये जय है वो ( सिया थोड़ी सहम जाती है)...तभी सिया के चाचा बोलते है अरे भाईसाहब ये जय है आपको बताया था ना मेरे दोस्त का लड़का है पहले यही रहता था...अच्छा अच्छा ठीक है।।

जय अंदर आता है नमस्ते अंकल जी.. हा बेटा आओ तो तुम भी हमारी सिया के साथ पढ़ते हो...जी है अंकल मै भी उसके साथ ही पढ़ता हूं...चलो ये तो अच्छी बात है शादी हो रही है इसकी तो सारा काम भी तुम्हे ही देखना पड़ेगा...पर अंकल आप इतनी जल्दी शादी क्यों कर रहे हो अभी तो एग्जाम भी नहीं हुआ अभी क्या जल्दी है इतनी ....तो बेटा हम कोनसा अभी कर रहे है और वैसे भी 10 दिन बाद तो एग्जाम हो है जाएगा और शादी तो अगले महीने है... हा पर शादी होगी तब ना...क्या कह रहे हो शादी क्यों नहीं होगी..अंकल मैने कहा शादी बहुत अच्छी होगी देखना आप.. हा फिर अच्छा है अब बाकी घर वालों से भी मिल लो तुम...जी अंकल मै आया अभी... ओर जय वहां से चला जाता है।।

जय जाकर सिया की मम्मी से मिलता है ओर उनके पैर छू लेता है...अरे बेटा तुम कौन हो...मै सिया का दोस्त हूं जय उसने बताया नहीं आपको...नहीं बेटा उसने तो नहीं बताया..अच्छा आंटी मै उससे मिलकर आऊ क्या..हा जाओ मिल आओ रूम मै ही हैं... आंटी आप कितने स्वीट हो आपसे बाद मै मिलता जी बहुत बाते करनी है आपसे... हा बेटा ठीक है...जय के जाने में बाद सिया की मम्मी सोचती है कितना अच्छा लड़का है ओर इसे घर से निकलवा दिया सिया के पापा को बोलती हूं कि वापस इसे यही रहने को कह दे....

जय सिया के रूम पर जाता है... वहां सिया के साथ एक लड़की और भी थी तभी परी कहती है दीदी भैयु आ गए..हा तो तुम्हारे प्यारे भाई से कह दो मुझे नहीं करनी इससे बात जब देखो गुस्सा...तभी वो लड़की बीच मै बोल जाती है क्यों परेशान करते हो मेरी बहन को...जी आपकी तारीफ..मेरा नाम दीपिका है इसकी दोस्त बहन मोसी सब हूं मै समझे...हा समझ गया ओर मै कहा करता हूं इसको परेशान ये तो खुद पागल है इससे अच्छी तो तुम हो इसके तो हमेशा नाक पर गुस्सा रहता है दिन भर मनाओ इसको की बाबू मान जाओ मान जाओ...ओर दीपिका के साथ साथ परी भी हसने लग जाती है... ओह बड़ा आया ओर जो तुम गुस्सा करते हो किसी से भी लड़ जाते हो उसका क्या...हा तो तुम्हारे लिए लड़ता हूं ना कोई तुम्हे कुछ कहेगा तो ऐसे थोड़ी जाने दूंगा...तभी दीपिका कहती है अरे लड़ना बंद करो यार तभी बाहर से आज आती है सिया की मम्मी सिया को बुला रही थी ओर सिया बाहर चली जाती है...।।

सिया के जाने के बाद परी भी बाहर चली जाती है...तो जय भी जा रहा था पर दीपिका उसको रोक लेती है...क्या हुआ तुम दोनों मै लड़ाई हुई क्या...अरे ये उस पागल से शादी कर रही है ओर ये उसके साथ खुश नहीं रह सकती है...तो फिर किसके साथ रह सकती है...मेरे साथ..क्या मतलब..अरे मैने कहा कि वो उससे प्यार नहीं करती अब जिससे प्यार करती है उसके साथ ही खुश रहेगी ना...तो वो तुमसे प्यार करती है...पता नहीं मुझे तो उसका वो जाने पर उसकी शादी इससे तो ना होने दूंगा मै उसे जरा भी तकलीफ हुई ना किसी को नहीं छोडूंगा मै...हा वैसे मुझे भी नहीं पसंद वो सिया के लिए तुम्हारे जैसा लड़का होना चाहिए एक दम हैंडसम ओर तुम दोनों लड़ते हुए कितने प्यारे लगते हो...अरे छोड़ो ना ये सब अभी वो लल्लू लाल आता ही होगा यहां मेरी सिया जी करता हुआ... ओर वो दोनो हंसने लग जाते है...तभी बाहर आवाज आती है... लो शैतान का नाम लिया शैतान हाज़िर चलो बाहर।।

वो दोनो बाहर जाते है ओर जैसा समझा था वैसा ही हुआ वो अपने परिवार के साथ आया था सगाई की तारीख फिक्स करने...ओर वो सभी वहीं बाते कर रहे थे..सिया ये सब देख लेती है ओर वो वहां छत पर चली जाती..जय भी उसके पीछे उपर जाता है।।

वो अपना हाथ छत पर लगी रेलिंग से लगाकर शहर को देख रही थी ओर जय जैसे ही जाता है उसके कंधे पर हाथ रख देता है सिया मुड़ती है तो उसकी आंसू थे...जय कहता है रो क्यों रही हो चुप हो जाओ अच्छे बच्चे रोते नहीं है..नहीं हूं मै अच्छी किसी को मेरी फिक्र नहीं है नहीं बनना है मुझे कुछ भी ओर ये शादी तो करनी ही नहीं...अरे कैसे नहीं है किसी को फिक्र मै हूं ना इधर देखो मेरी तरफ ओर चुप हो जाओ याद है ना तुम्हारे आंसू नहीं देख सकता हूं मै ओर मै है ना तुम्हारे साथ कुछ भी हो जाए उससे शादी नहीं होगी तुम्हारी..ओर सिया जय के गल लग जाती है ये अहसास अलग ही था हवा से उड़ते हुए बाल जय के उपर आ रहे थे ओर वो भी सिया को कसकर गले लगा लेता है...ओर मन मै सोचता है जिसकी भी वजह से तुम्हारी आंखों मै आंसू आए ना उन सबका हिसाब होगा....

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अब आगे....

थोड़ी देर बाद सिया और जय दोनों नीचे आ जाते है...और वहां पर सिया के सगाई कि बात चल रही थी सिया का में बिल्कुल भी नहीं था और वो वहां से उठकर वापस अंदर वाले हॉल मै चली अनिल भी अपनी फैमिली वालों के साथ वहां आया था और जय उसको देखकर मन ही मन में गालियां दे रहा था...तभी सिया के पापा कहते है क्यू ना हम सगाई जल्दी है कर दे फिर सिया का पेपर भी है तो अनिल की मम्मी कहती है हा भाईसाहब आप सही कह रहे हो...तभी जय बीच में बोल पड़ता है पर अंकल इतनी जल्दी भी क्या है उसको पढ़ाई में डिस्टर्ब होगा और फिर पढ़ाई से ज्यादा कुछ भी नहीं है... हा तुम भी सही कह रहे हो तो फिर एग्जाम के बाद की तारिक रख लेते है और 10 दिन बाद सिया की सगाई की तारिक पक्की हो गई।।

सब लोग खुश थे सिवाय जय और सिया के जय कुछ सोचने लग जाता है और उसका ध्यान वहां से हट जाता है थोड़ी देर बाद जय देखता है तो उसे वहां अनिल नहीं दिखाई देता है और जय सोचता है ये कमिना कहां चला गया अब...और वो अंदर हॉल मै जाता है और देखता है कि अनिल सिया से बात कर रहा था और तभी सिया उसको एक जोरदार थप्पड़ मार देती है और कहती है आगे से अपनी हद में रहना वरना याद रखना क्या हो सकता है तुम्हारे साथ और वो अंदर चली जाती है जय समझ गया था कि इसने जरुर कोई छिछोरी हरकत की है पर सिया ने उसको मारा तो हसंते हुए उसके पास गया और बोला देख लिया अनिल बाबू क्या हो सकता है आपके साथ और वो अनिल की कॉलर पकड़ लेता है और कहता है तेरी हिम्मत कैसे हुई कमिने मेरी सिया को हाथ लगाने कि... अबे चल तेरी सिया कब से हो गई वो मेरी होने वाले पत्नी है वो और शादी के बाद तो जो मर्जी है करूंगा में तू कुछ नहीं कर सकता है ओर तुझे तो इसी मौत दूंगा कि तू भी याद रखेगा।

जय सिंघानिया को धमकी दे रहा है याद रखना अगर दुबारा हाथ लगाया ना तो हाथ उठाने के काबिल नहीं रहेगा तू तुझे अपने पैदा होने पर अफसोस होगा...पर तू मेरी सिया जी के लिए इतना क्यों बोल रहा है तू तो सिर्फ उनका दोस्त है ना ...पहली बात तो वो तेरी सिया नहीं है और शादी होगी तब कहना तू मेरी सिया..ओर तेरी शादी होगी ही क्यों उससे अपनी शक्ल देख कैपिटल C लिखा हुआ है वांहा..ओर जय उसको धक्का देकर वहां से सिया के पास चला जाता है।।

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सिया आलरेडी गुस्से में थी और जय भी गुस्से में आया था पर वो सिया को देख लेता है कि वो परेशान है तो वो अपना गुस्सा थोड़ा शांत करता है और कहता है अरे यार तुमने तो आज गजब कर दिया बकरे को क्या मारा है तुमने...सिया कहती है कोनसा बकरा मैने तो किसी बकरे को नहीं मारा...अरे वो था ना बाहर रेड सूट वाला बकरा...ओर सिया हंस जाती है...हा उसे तो मारा क्युकी बदतमीजी कर रहा था वो ओर मुझे पसंद नहीं... बिल्कुल सही किया में तो कहता हुए चप्पल से मारो उसे तो सिया कहती है तुम पागल हो यार अब चलो बाहर भी चलना है हमे अच्छे बच्चे की तरह एक्टिंग करना लगना चाहिए हमसे ज्यादा खुश कोई नहीं का दुनियां में...।।

और वो दोनों बाहर चले जाते है...सभी लोग अब जाने वाले थे सगाई की तारीख भी फिक्स हो चुकी थी और थोड़ी देर बाद सब चले जाते है शाम का वक्त था और खाने का समय हो गया था जय सभी को कहता है कि में भी अब चलता हूं कोई काम हो तो आप लोग याद करना मुझे तब सिया की मम्मी कहती है बेटा खाना खाकर चले जाना...नहीं नहीं आंटी में बाहर ही खा लूंगा..सिया मन में सोच रही थी कितनी नौटंकी कर रहा है रुक क्यू नही जाता है यहां पर बड़ा आया भाव खा रहा पर सभी लोग जय को बोलते है कि रुक जाओ तो जय कहता है हा ठीक है फिर आप सब लोग कह रहे हो तो।।

खाना लग चुका था और पूरी फैमिली खाने पर एक साथ बैठी थी तभी सिया की मम्मी कहती है बेटा तुम यहीं आ जाओ ना वापस रहने वहां क्यू रह रहे हो तुम्हे भी अच्छा लगेगा...आंटी मेरा तो मन था पर इन लोगो ने है घर से जाने को कहा था मुझे ओर थोड़ी देर के लिए सभी चुप हो जाते है फिर सिया के पापा कहते है हमने ही कहा था कि चले जाओ अब हम ही वापस बुला रहे है तो आ भी जाओ बेटा..जय सिया की तरफ देखता है सिया मन में सोच रही थी कि बस ये हा कर दे...पर अंकल...पर वर कुछ नहीं तुम्हे आना है तो आना है बस सिया की मम्मी कहती है ओर जय
भी इस बार हामी भर देता है...हा आंटी मै आ जाऊंगा..ओर सिया भी खुश हो गई थी जय को खाना हो चुका था और वो सबको बाय बोलकर वहां से जाने लगा।।

जैसे ही बाइक पर बैठा सिया बाहर आ गई अभी जा रहे हो..हा अभी जा रहा हूं क्युकी कल वापस भी आना है ना इसलिए..पर तुम कहो तो आज रात यहां रुक सकता हूं मै..अच्छा वो कैसे पर ...सबको कह दो मेरी तबीयत खराब है तो रुक जाऊंगा कोई नहीं जाने देगा आखिर सबको पसंद जो आ गया मै...ओर सिया हसने लग जाती है जाओ जाओ कल आना वैसे हा तुम मेरी पसंद हो तो सबको पसंद तो आना ही था ना।।

अच्छा तो अब मै चलता हुए सिया भी जय को बाय बोल देती है ओर वो अपने घर पर निकल जाता है...।।

अनिल का घर:

अनिल छत की बालकनी में खड़ा होकर सोच रहा था कि ये जय का कुछ करना पड़ेगा नहीं तो मेरा सपना कैसे पूरा हो पाएगा ओर इसके रहते तो मै कुछ नहीं कर पाऊंगा...
पर एक बात अच्छी है वो अब उनके घर मै नहीं रहता है अब बस सगाई हो जाए फिर इस जय को अपने रास्ते से हमेशा के लिए हटा दूंगा...।।

जय घर पहुंच चुका था... चलो अच्छा हुआ खाना खा लिया अब मजे से सोऊंगा वैसे वो छछूंदर जरूर अभी मेरे बारे में ही सोच रहा होगा...सोचने दो आखिर उसका बाप हूं मै उसे भी तो पता चले अपुन सो जाता है अब कल तो सिया से मिलना है वापस उसी घर मै रहूंगा वही मस्त होगी....।।

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Divesh✓
अगली सुबह....

जय सुबह होते ही सिया के घर पहुंच चुका था,,ओर वहा पर गया तो पता चला सब उसका वैट कर रहे थे सिया भी उसके आने कि राह देख रही थी,,,जय कहता है अरे आप सबका इंताजर खत्म हुआ लो हम आ गए,,ओर सब हंस जाते है सिया की मम्मी कहती है अच्छा हुआ बेटा तुम आ गए अब अपना सामान अपने रूम में ले जाओ,, जी आंटी मै जाता है।।

सिया भी उसके जाती है,,जय सिया से कहता है ओर बताओ आज खुश तो बहुत होगी ना तुम,,अरे डफर मै क्यों खुश होने लगी,,अरे मै आया हूं ना इसलिए अगर खुश नहीं हो तो मै वापस जा रहा,,अरे नहीं नहीं मेरा प्यारा जय आ गया मै बहुत खुश हूं,,ओर ये कहकर वो दोनो जोर से हंसते है।।

अच्छा चलो अब रूम मै चलते है,, हा हा चलो,,अच्छा सिया एक बात बताओ तुम,, हा पूछो ना,, तुम्हे मेरे बिना यहा पर अच्छा लग रहा था,, हा जय बहुत अच्छा लग रहा था मै तो बहुत खुश थी,,चल चल झूठी कहीं की सब पता है मुझे,,तो फिर पूछ क्यों रहे हो,, मन हुआ तो पूछ लिया मैने बस।।

अच्छा सुनो जय आज बाहर चलना है हमे कुछ काम है तो तुम साथ चलोगे ना,,अरे तुम्हारे साथ तो कहीं भी चला जाऊ,, हट पागल कहीं का अब जाओ ओर रेडी होकर आओ मै नीच मिल जाऊंगी तुम्हे,, हा आता हूं अभी।।

जय थोड़ी देर बाद नीचे आता है,,ओर सिया को बोलता है चलो मै आ गया पर ये बताओ चलना कहा है यार,,अरे शॉपिंग करने चल रहे है,,पहले बता देती मै खाना पीना सब ले आता पता नहीं कितने दिन रुकना पड़ जाए तुम्हारे साथ वहा पर,, जय मजाक ना करो अब ओर चलो,,ओक बाबा चलते है।।

वो दोनो एक शॉपिंग मॉल मै जाते है जय सिया को वही छोड़ देता है ओर कहता है तुम ये सब देखो जो पसंद आय ले लेना मै अभी आता हूं,, जय को वहा अनिल दिखा ओर उसने सोचा ये बिल्ला यहां क्या लेने आय है देखता हूं जरा इसको जय उसके पीछे जाता है,, तभी उसे कोई पीछे से रोक लेता है ओर वो उससे बात करने लग जाता है तब तक
अनिल जा चुका था।।

यार अब इसे कहा देखू सामने तो वाशरूम है वो भी लेडीज यहां तो जा नहीं सकता ये,,सिया को बुलाऊं क्या वो देख लेगी अंदर जाकर,,ओर वो सिया को कॉल करता है ओर वहा बुला लेता है,,क्या हुआ जय यहां क्यों बुलाया अब किसके संग मारपीट कर ली तुमने,, अरे सिया जी आपके होने वाले पतिदेव अंदर है ओर गुल्छरे उड़ा रहे है देखना अभी बाहर आएगा वो बिल्ला,, जय पागल हो लेडीज वाशरूम है इसमें क्या करेगा वो,,,अरे पर यहां से कहा जाएगा पक्का इसी मै है वो।।

जय मजाक तो नहीं कर रहे ना,,अरे यार कभी तो भरोसा कर लिया करो वो थोड़े गुस्से में कहता है,,,अच्छा अच्छा यकीन है तुम पर देख लेते है होगा तो बाहर आ ही जाएगा अभी,,,जय ओर सिया 20 मिनिट तक वैट करते रहे ओर थोड़ी देर बाद सिर्फ एक लड़की बाहर आयी,, जय ने अंदर जाकर देखा पर वहा सच मै कोई नहीं था,,पर ऐसा नहीं हो सकता सिया मैने खुद देखा था वो यही थी सच्ची कह रहा हूं।।

जय अब चलो यहां से फालतू ड्रामा मत करो देख लिया कोई नहीं है यहां पर,,तुम्हे तो मेरा यकीन कभी नहीं होगा यार,,देखो जय खुद से भी ज्यादा यकीन है तुम पर पर हमने देखा ना बाबू वो नहीं था यहां पर,,अच्छा ठीक है चलो तो फिर नहीं होगा शायद,,उन दोनो के जाने के बाद अनिल वहीं से बाहर आता है ओर बोलता है आज तो बच गया मै अच्छा हुआ वक्त रहते इनकी आवाज सुन ली ओर छुप गया
पर इस जय को कुछ करना पड़ेगा अब।।

धीरे धीरे दिन बीत रहे थे जय हर दिन कोशिश करता कि पता चल जाए अनिल कैसा इंसान है पर हर बार वो मात खा जाता दोनो का एग्जाम हो चुका था ओर रिज़ल्ट भी आ चुका था,, सिया अब सिया नहीं रही वो एक आईएएस ऑफिसर बन चुकी थी ओर उसका सपना अब पूरा हो गया था ओर अगर कोई खुश था तो वो जय था क्युकी उसकी जिंदगी की यही एक khawaish थी कि सिया का सपना पूरा हो जाए ओर जय भी अब एक आईपीएस ऑफिसर था,,क्युकी सिया ऑफिसर बन चुकी थी तो अनिल का रिश्ता अब उससे टूट चुका था ओर वो बदले की आग मै जल रहा था।।

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कुछ दिन बाद:

जय जल्दी रेडी हो जाओ नवरात्रि है आज ओर पता है ना लेट नहीं होना है अब,,,पहले खुद तेयार हो जाओ फिर मुझे कहना
एक ऐसा ना हो आज पूजा करने जा रहे है ओर पता चले सिया अगली नवरात्रि पर रेडी हुई,,।। आप Love story in hindi। Love Stories in hindi पढ़ रहे है!!

तुम ज्यादा ना बोलो अब तभी जय रूम के अंदर आ जाता है सिया ने लहंगा पहन लिया था ओर जय उसे देखता है
तो बस देखता ही रह जाता है,,,ऐसे क्या देख रहे हो जय,,बस कुछ नहीं मन कर रहा है तुम्हे आज जी भरकर देख लूं।।

अच्छा जनाब अब देख लिया हो तो चले मात रानी की दरबार,, हा चलो ना चलते है,,ओर सभी परिवार वाले माता के दर्शन करने के लिए चले जाते है।।

सब अपनी अपनी जोड़ी के साथ प्रार्थना कर रहे थे ओर जय भी सिया के साथ खड़ा था तभी दीपिका वहा आती है
ओर बोलती है तुम प्यार करते हो तो कह क्यू नही देते आज कह दो सबके सामने,,,नहीं कहना क्युकी जवाब मुझे पता है,,जय माता रानी के चरणों मै झुक जाता है ओर कहता है मेरी खुशियां भी सिया को से देना उसे खुश रखना।।

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तभी सब बोलते है पूजा हो गई हो तो चले अब,,हा हा चलो तभी जय के पास कॉल आता है,,सर हम कंट्रोल रूम से बोल रहे है आपको मारने के लिए धमकी मिली है आप जहां हो वहीं रहो हम अभी आते है,,,अरे मुझे कुछ नहीं होगा मै घर जा रहा हूं ओर वो फोन कट कर देता है।।

सिया ओर जय एक ही गाड़ी मै बैठे थे तभी जय आधे रास्ते मै जाकर गाड़ी रोक देता है ओर उतर जाता है सुनसान सी सड़क जहां कोई परिंदा तक नहीं था सिर्फ आसपास पेड़ थे
ओर कुछ नहीं,,सिया भी बाहर आती है ओर जय को देखती है,,क्या हुआ आज यहां क्यों रुक गए,,,कुछ नहीं बस ऐसे ही,,ओर जय वहीं सड़क किनारे पास पड़ी कुर्सी पर बैठ जाता है सिया भी उसके पास आ जाती है ओर बैठ जाती है ,,जय कहता है मुझे तुम्हारी गोद मै सर रखकर सोना है तो सिया उसकी आंखो मै देखती है ओर उसके लिए प्यार उसे साफ नजर आ रहा था,,, हा हा एसपी क्यों नहीं प्यारा से जय आ जाओ ओर जय थोड़ी देर ऐसे ही सोता रहता है सिया उसके बालो मै हाथ घुमा रही थी,,रात ओर गहरी हो चुकी थी जय कहता है अब हमे चलना चाहिए,,ओर वो सिया को जाते हुए अपने गले से लगा लेता है कहना चाहता था पर नहीं कहा कि वो उससे बेपनाह मोहब्बत करता है ।।

थोड़ी देर बाद दोनो गाड़ी मै बैठ जाते है,,ओर गाना चल रहा था,,लग जा गले के फिर ये हंसी रात हो ना हो शायद इस जन्म मै फिर मुलाकात हो ना हो,,ओर जय गाड़ी चला रहा था तभी अचानक से एक ट्रक आता है ओर उसकी फ़्लैश लाइट से जय को कुछ दिखाई नहीं देता है ओर गाड़ी ट्रक से जाकर भिड़ जाती है।।

कुछ देर बाद बाद दोनो हो हॉस्पिटल मै लाया जाता है सिया के घर वाले वही थे जय के घरवालों को कुछ पता नहीं था
सबका रो रोकर बुरा हाल हो रहा था,,,तभी डॉक्टर बाहर आता है ओर कहता है जय को होश आ गया पर खून बहुत बह गया कुछ कह नहीं सकते ओर सिया का ऑपरेशन अभी चालू है।।

सब जय को मिलने जाते है पर जय की नजर सिर्फ सिया देख रही थी,,थोड़ी देर बाद डॉक्टर सभी को बाहर कर देता है जैसे ही डॉक्टर अंदर आता है जय उससे पूछता है,,मेरी सिया कैसी है डॉक्टर,, डॉक्टर कुछ जवाब नहीं देता ओर कहता है आओ आराम कीजिए आप अभी खतरे से बाहर नहीं है,, डॉक्टर जितना पूछा है उतना बता मेरी सिया को कुछ हुआ ना इस हॉस्पिटल को आग लगा दूंगा मै याद रखना,,, सर उनका हर्ट बहुत बुरी तरह से जख्मी हो गया है अगर जल्द ही दिल का ऑपरेशन नहीं किया गया तो उनकी जान जा सकती है,,,तो डॉक्टर सोच क्या रहे हो ऑपरेशन शुरू करो ना किस बात की कमी है,,, सर हम दिल का ऑपरेशन नहीं कर सकते क्युकी कोई डोनर नहीं है,,अरे इतनी सी बात है मेरा दिल ले लो डॉक्टर पर उसकी जान बचा लो मै आपके हाथ जोड़ता हूं डॉक्टर,, सर इससे आपकी जान को खतरा हो,, डॉक्टर मेरी जान की फिक्र करने वाला कोई नहीं है टाइम निकला जा रहा है जल्दी से ऑपरेशन शुरू करो,,,ठीक है सर आप कह रहे हो तो ठीक है।।

डॉक्टर बाहर आता है ओर सारी बात बता देता है,,ये सुनकर सबके पैरो तले से जमीन खिसक जाती है पर वो भी क्या करते है सब मजबूर थे ओर वो सब जय को मिलने जाते है,,जय उन सबको कहता है मेरी सिया को अच्छे से ख्याल रखना वरना भूत बनकर आऊंगा ओर सबसे बदला लूंगा,,ओर जय हंस पड़ता है ओर सबके गले लग जाता है।।

उसे ऑपरेशन थयेटर मै ले जाया जाता है,, डॉक्टर आपसे एक रिक्वेस्ट है मुझे अपनी सिया को एक बार देखना है,, हा सर आप देख सकते हो,, पर आप मुझे कुछ देर के लिए अकेला छोड़ दीजिए उसके साथ,,ठीक है सर ओर सब बाहर चले जाते है।।

जय सिया के पास जाता है ओर उसके हाथ को अपने हाथ मै लेकर कहता है तुम बिल्कुल ठीक हो जाओगी तुम्हारा आशु है ना तुम्हारे साथ,,ओर वो सिया के हाथ को चूम लेता है ओर कहता है मै तुमसे बेपनाह मोहब्बत करता हूं बहुत ज्यादा पर अब मै तुम्हारे साथ नहीं रहूंगा तुम्हे अपना ख्याल खुद ही रखना होगा बाबू,,ओर ये कहकर वो वहा से चला जाता है कुछ देर बाद डॉक्टर आता है ओर ऑपरेशन शुरू हो जाता है,,,एक जिंदगी ओर एक मौत का सफर था ये जहां सब इस बात से खुश थे कि सिया बच गई वहीं इस बाद से दुखी थे कि जय अब नहीं रहेगा।।

कुछ घंटों के बाद ऑपरेशन पूरा होता है,,,ओर जय की सांसे धीरे धीरे घड़ी की सुईयो की तरह कम हो रही थी
डॉक्टर बाहर आकर कहता है कि ऑपरेशन सफल हुआ पर,,,पर क्या डॉक्टर,,पर हम एसपी साहब को हम बचा नहीं पाए वो अब इस दुनिया मै नहीं रहे ओर ये कहकर डॉक्टर वहा से चला जाता है,,सब बुरी तरह से रो रहे थे आज एक की जान बच गई तो दूसरा छोड़कर जा चुका था पर जय आज भी सिया के सीने मै उसका दिल बनकर धड़क रहा था।।

कुछ घंटों के बाद सिया को होश आ जाता है ओर वो जोर जोर से रोने कि आवाज सुनती है तो वो सबको बुलाती है जैसे ही सब अंदर जाते है सब अपने आपको को झूठी मुस्कान के पीछे छुपा लेते है,,, सिया सब पूछती है कि जय कहा है,,पर कोई कुछ नहीं बोलता है तभी परी आती है ओर कहती है दीदी,, भैयू तो आपके दिल मै है ना उन्होंने अपना दिल आपको दे दिया ओर वो तो चले गए अब ऐसा सब बोल रहे है,,।।

सिया को पता ही नहीं चल रहा था कि वो क्या करे कैसे कहे ओर वो जमीन पर बैठकर रोने लग जाती है ओर सभी कहते है हा आज जय को दिल ही तुम्हारे सीने मै धड़क रहा है सिया उठकर जय के पास जाती है,,ओर जय का लिखा हुआ आखिरी खत पड़ती है,,।।

मै तो जा रहा हूं पर मेरी अमानत मेरा दिल तुम्हारे पास छोड़कर जा रहा हूं कभी उदास हो मेरी याद आए तो अपने दिल से बात करना जिसमे सिर्फ तुम्हारे लिए मोहब्बत है जिसने तुम्हे किसी इबादत की तरह चाहा है,,मेरी प्यारी बाबू मेरी सिया कभी दुःखी ना होना मै हमेशा तुम्हारे साथ हूं।।

तुम्हारा जय!

सिया ये सब पढ़कर पूरी तरह टूट चुकी थी ओर वो जय के सीने से लगकर रोने लग जाती है पर अब उसको चुप कराने ले लिए जय वहा नहीं था,,पर उसके दिल से एक ही आवाज आती मै तुमसे बेपनाह मोहब्बत करता हूं।।

कहानी समाप्त!
#बेपनाह मोहब्बत
Writer:: Divesh Biloniya

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