Love Story In Hindi Heart Touching | लव स्टोरी इन हिंदी हार्ट टचिंग

Love Story In Hindi Heart Touching | लव स्टोरी इन हिंदी हार्ट टचिंग

Love Story in Hindi Heart Touching: हेल्लो दोस्तो कैसे हो आप लोग आज मै आपके लिए एक कहानी लेकर आया हूं ऐसी Love Story in Hindi Heart Touching आपने आज तक नहीं पढ़ी होगी पर इसके पहले वाले भाग प्रकाशित हो चुके है तो आप इसे पढ़ने से पहले एक बार उनको पढ़े ले तो अच्छा होगा।।

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Love Story in Hindi Heart Touching

Love Story in Hindi Heart Touching | लव स्टोरी इन हिंदी हार्ट टचिंग

अब आगे...

डालो इन सबको जीप के अंदर तभी मंत्री वहां आ जाता है और कहता है तुम इन्हें ऐसे नहीं ले जा सकते अच्छा नहीं होगा।।

अथर्व- देखो साहेब अगर अपनी इज्जत बचाने चाहते है तो दूर रहो वरना ऐसी जगह मारूंगा जिंदगी भर भूल नहीं पाओगे

मंत्री ने वहां से निकलने  मै ही अपनी भलाई समझी और वो अपनी गाड़ी लेकर वहां से चला गया अथर्व नील को कहता है अंदर करो सबको जो नहीं आए एक उसे एक लगा देना ये कहकर अथर्व गाड़ी मै बैठ जाता है और नील सबको अरेस्ट करके जीप के अंदर डाल देता है।। पर अनामिका चलने के लिए तैयार नहीं थी

अनामिका- देखो तुम एक लड़की को बिना लेडी पुलिस के हाथ नहीं लगा सकते बोल दो अपने सर को

नील आकर अथर्व को बोलता है कि सर वो ड्रामा कर रही है कह रही है लेडी पुलिस बुलाओ तभी अथर्व गाड़ी से बाहर आता है और कहता है नील मैडम के लिए लेडी पुलिस बुआलो थाने से और अगर ये फिर भी नहीं आए तो उसी लेडी कांस्टेबल से कह देना एक लगाए और डाल दे अंदर।।

थोड़ी देर बाद लेडी पुलिस भी आ जाती है और अनामिका के पास अब कोई रास्ता नहीं था वो चुपचाप अथर्व वाली गाड़ी मै बैठ जाती है बाकी सबको नील दूसरी गाड़ी मै लेकर आ रहा था।।

अनामिका गाड़ी मै बैठ तो गई थी पर उसे इतना गुस्सा आ रहा था कि वो किसी को मार दे पर वो कुछ नहीं कर सकती बस एक अथर्व को घुर कर देख रही थी।। इतने में सब पुलिस स्टेशन आ जाते है और सबको गाड़ी से निकला जाता है।।

अम्मा जी को अंदर डाल दिया जाता है और पवन को अलग जेल मै रखा जाता है अनामिका अब भी बाहर ही बेठी हुई थी तभी ठाकुर की बेल के कागज लेकर आता है और कहता है एसीपी ये रहे बेल के पेपर्स तुम इन्हे अंदर रख नहीं सकते हो तुम्हें अभी इन्हे छोड़ना पड़ेगा।।

अथर्व ने एक नजर देखा और बोला - " रात हो रही है ठाकुर साहब तो अभी तो किसी की बेल नहीं मिलने वाली है।"

ठाकुर साहब दाँत कड़कड़ाते हुए बोले - " ये तुम ठीक नहीं कर रहे हो एसीपी! तुम्हें तो हम देख लेंगे।"

अथर्व - शौक से देखिएगा! फिलहाल थाने में भीड़ मत कीजिये! और जेल में जाईये!

ठाकुर साहब पैर पटकते हुए पुलिस वाले के साथ जेल के अंदर चले गए। और अथर्व ने मंत्री के बेटे को घसीटते हुए जेल में डाला। अनामिका को शाम से पहले अरेस्ट किया था इसलिए उसे भी जेल में डाल दिया।

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अथर्व अपने केबिन में चला गया । और उसे अपने कमरे से अनामिका का कमरा साफ दिख रहा था। वो जेल में पत्थर की बनी स्टूल पे बैठी थी। और फर्श को घूरे जा रही थी।उसे तो इनसब की बिल्कुल आदत नहीं थी।

अथर्व काफी देर तक देखता रहा फिर उठ कर बाहर आ गया। थाने में चहल - पहल कम थी। अथर्व उसके पास गया और जेल का दरवाजा खुलाया। पर अनामिका ने एक नजर उस तरफ नहीं देखा।

अथर्व अंदर आया और जेलर को बाहर भेज दिया। उसने देखा कि खाना वैसे ही पड़ा है अनामिका ने उसे छुआ नहीं था। और वो ज्यों की त्यों बैठी थी।

अथर्व ने थाली बढ़ाई और अनामिका की तरफ करते हुए बोला - " काफी देर से कुछ नहीं खाया है तुमने! दुश्मनी मुझसे है ना, खाने से थोड़ि!"

अनामिका ने उसे कहर भरी नजर से देखा और फिर हिकारत से दूसरी तरफ नजर घुमा ली।

अथर्व ने उसके पास खाना रख दिया और थोड़ि दूरी पे बैठते हुए बोला - " तुम उस लड़के से शादी करना चाहती थी?"

अनामिका फिर चुप ही रही।

अथर्व - जब नहीं करनी थी तो तुम्हें खुश होना चाहिए कि मैंने तुम्हें बचा लिया।

अनामिका गुस्से में उठी और उसकी तरफ घूमते हुए लगभग चिल्लाई - " तुमसे मतलब अथर्व राणा की मेरे साथ क्या होता है? मेरे साथ कुछ भी हो कुछ भी नहीं इस बात से तुम्हें मतलब नहीं होना चाहिए! तुम अभी एक पुलिस वाले हो और मुझे बेवजहा विक्टिम बना कर यहाँ खड़ा कर दिया है और ये ही हमारा रिश्ता है..बाकी का हिसाब बाहर जाकर अच्छे से चुका दूँगी वो भी ब्याज समेत!"

अथर्व उठते हुए बोला - " ऑन ड्यूटी ऑफिसर की कॉलर पकड़ने का अंजाम तो आप जानती होंगी ना! इतनी पढ़ी लिखी तो आप हैं!"

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अनामिका को वैसे ही गुस्सा आ रहा था और अब अथर्व ने उसे और गुस्सा दिला दिया। अनामिका आगे बढ़ी और उसकी कॉलर वापिस पकड़ते हुए बोली - " अब क्या ख्याल है ऑन ड्यूटी ऑफिसर! अभी भी मैंने तुम्हारी कॉलर पकड़ रखी है और क्या कर लोगे तुम , थर्ड डिग्री टॉर्चर दोगे ! बोलो ना!"

कुछ पुलिस वाले उस तरफ बढ़े तो अथर्व ने हाथ से रुकने का इशारा किया। और अनामिका कि आँखो के गुस्से को साफ तौर से देख पा रहा था।

अनामिका ने  अथर्व को हल्का सा धक्का दिया और जाकर अपनी जगह बैठ गयी और फर्श को घूरते हुए बोली - " बेहतर होगा कि बाहर चले जाओ..हमारा हिसाब हम अच्छे से कर लेंगे!"

अथर्व ने कम्बल उठायी और उसे ढकते हुए बोला - " हिसाब तो मुझे भी बहुत से चूकते करने है लेकिन फिलहाल तुम मेरी पुलिस चौकी हैं हो और शर्दी - वर्दी लग गयी तो खामखा खर्चा हो जाएगा।"

अनामिका उसे फिर घूरने लगी तो वो मुस्कुराते हुए लॉकअप से बाहर निकल गया। और बाहर चला गया।

अनामिका अब जेल का सहारा लेकर बैठ गयी और धीरे - धीरे उसे नींद आ गयी।

अगली सुबह,अथर्व पुलिस स्टेशन आया तो उसकी नजर अनामिका के लॉकअप की तरफ चली गयी।

अनामिका सो रही थी और बालों की कुछ लटें उसके चेहरे पे आ रही थी। अथर्व मुस्कुराते हए केबिन में चला गया।

थोड़ि देर बाद ठाकुर के आदमी आये और बेल के पेपर ले आये।

अथर्व ने इशारा किया तो मंत्री और उसके बेटे को छोड़ सब को बाहर लाया गया। अनामिका के चेहरे पे खामोशी पसरी थी।

सबने बेल के पेपर्स पे साइन किये और उठ गए।जयसिंह ने अथर्व को धमकी भर लहजे में देखा और अनामिका को पकड़ते हुए बाहर जाने लगा।

अनामिका ने आँखों की भाषा में कहा - " तुम्हें तो हम देख लेंगे राणे!"

अथर्व भी मुस्कुरा दिया - " मैं भी तो यही चाहता हूं कि आराम से देखो!"

अनामिका गुस्से में बाहर निकल गयी।

To be continued....

Love Story in Hindi Heart Touching: दोस्तो आपको आज का ये पार्ट कैसा लगा आप हमें जरूर बताएं और इसका अगला  Love Story in Hindi Heart Touching पार्ट इसी ब्लॉग पर आएगा तो अगर आपको ये पढ़ना है तो लगातार इस पर आते रहे।।

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